मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले ईआरओ-एईआरओ को मतदाता सूची सूक्ष्म निरीक्षण करने के कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

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भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी पर रखें कड़ी निगरानी – कलेक्टर 

नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन कार्य में तेजी लाएं, राजस्व वसूली भी बढ़ाएं – कलेक्टर

नरवाई जलाने पर रोक लगाएं, किसानों को करें जागरूक – कलेक्टर

अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश, शिक्षकों की एवं मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने पर विशेष जोर

टीएल बैठक आयोजित

सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में टीएल बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों के समय-सीमा वाले प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और समय सीमा के भीतर सभी प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें प्राथमिकता से बंद कराई जाएं। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने निर्वाचन कार्य की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देशित किया कि वे मतदाता सूची का बारीकी से निरीक्षण कर लें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसके लिए नाम, पता, उम्र, फोटो सहित सभी प्रविष्टियों का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि त्रुटिरहित एवं शुद्ध मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है, इसलिए प्रकाशन से पहले हर प्रविष्टि का सूक्ष्म सत्यापन आवश्यक है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ यह कार्य करते हुए त्रृटि रहित मतदाता सूची का प्रकाशन सुनिश्चित करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, अपर कलेक्टर श्री वृंदावन सिंह, संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविन्द्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, श्रीमती स्वाति मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर श्री जमील खान सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी पर कड़ी निगरानी के निर्देश

कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने भावान्तर भुगतान योजना के अंतर्गत सोयाबीन खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने हेतु मंडियों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंडी में सोयाबीन की आवक पर निरंतर नजर रखी जाए, ताकि कोई अपात्र किसान या व्यापारी अपनी सोयाबीन की बिक्री न कर सके। कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों एवं नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से मंडियों का निरीक्षण करें। सोयाबीन खरीदी की मॉनिटरिंग के साथ-साथ व्यापारियों के स्टॉक की जांच भी सुनिश्चित की जाए, जिससे अनियमितताओं की कोई संभावना न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारी खरीदी के बाद तुरंत माल का उठाव करें, ताकि मंडियों में अनावश्यक भीड़ या माल का जमाव न हो।

अवैध कॉलोनी निर्माण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश

 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने या निर्माण कार्य करने की गतिविधि पाई जाए तो तत्काल रोक लगाई जाए और संबंधितों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने कहा कि अवैध कॉलोनियों से आमजन को मूलभूत सुविधाओं का अभाव होता है और भविष्य में अनेक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए राजस्व अमला सतर्क रहते हुए नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अवैध निर्माण या कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ नियम अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में सुव्यवस्थित और नियमानुसार विकास को बढ़ावा मिल सके।

नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन कार्य में तेजी लाएं, राजस्व वसूली भी बढ़ाएं

बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मूलभूत राजस्व कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लंबित रहने से आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए। उन्होंने तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और राजस्व अमले को लक्ष्य आधारित कार्य करने, बकायेदारों से नियमित संपर्क रखने तथा आवश्यकतानुसार नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नरवाई जलाने पर रोक लगाएं, किसानों को करें जागरूक

कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नरवाई जलाने से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है, मिट्टी की उर्वरता घटती है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए कृषि, राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारी किसानों को इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। कलेक्टर ने बैठक में यह भी कहा कि यदि जागरूकता के बावजूद कोई किसान नरवाई जलाता है तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनरी एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाई जाए, ताकि वे नरवाई को जलाने की बजाय उसका उपयोग अन्य कृषि कार्यों में कर सकें।

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