राष्ट्रीय कवि संगम जिला इकाई सीहोर के बैनर तले भगवान सहस्त्रबाहु  जयंती के अवसर  पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया

Join Us

सीहोर। स्थानीय माधव महाकाल आरोग्य आश्रम, सेकडाखेड़ी रोड, सीहोर के सभा गृह में राष्ट्रीय कवि संगम जिला इकाई सीहोर के बैनर तले भगवान सहस्त्रबाहु  जयंती के अवसर  पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार हीरालाल जायसवाल ने की। मुख्य अतिथि परम् गौभक्त राष्ट्रीय संत कथा वाचक पं. मोहितराम जी पाठक व विशेष अतिथि डॉ.अशोक पिचोनिया रहे। सर्व प्रथम अतिथियों ने माँ सरस्वती एवं भगवान सहस्त्रबाहु के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। अतिथियों का समिति अध्यक्ष लक्ष्मण चौकसे ने किया। सवरस्वती वन्दना गोविन्द लोवानिया ने की। गोष्ठी का संचालन डॉ.विजेन्द्र जायसवाल ने किया। इस मौके पर पं. मोहितराम जी पाठक ने कहा कि आप सभी जानते हैं की कल्चुरी वंश का प्रारंभ महाराजा हैहय भगवान सहस्त्रबाहु जो कि भगवान विष्णु मां लक्ष्मी की पुत्र हैं उनसे प्रारंभ हुआ। इसलिए कल्चुरी समाज हैहय क्षत्रिय कहलाते हैं। देखा जा रहा है कि विगत कुछ वर्षों में हम सभी लोगों के सामूहिक प्रयास से हमने समाज में अनेकों विसंगतियों को दूर करके नवीन जानकारियां प्राप्त करके समाज को एक नई दिशा देने का काम किया है। काव्यपाठ करने वाले कविगण हीरालाल जायसवाल, हीरालाल शर्मा, लक्ष्मण चौकसे, गोविन्द लोवानिया, डॉ.विजेन्द्र जायसवाल आदि ने काव्यपाठ कर गोष्ठी को ऊचाई प्रदान की। काव्यगोष्ठी में मुकेश राठौर, अजब सिंह मेवाड़ा, सुरेश सेन, मथुरा प्रसाद सेन, श्यामलाल चुतुर्वेदी, राजकुमार, राज मालवीय आदि उपस्थित रहे। अंत में आभार समिति अध्यक्ष लक्ष्मण चौकसे ने माना।

Previous articleलूर्द माता कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
Next articleवृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को महाकाल यात्रा, तीन दर्जन से अधिक लोगों को किया रवाना