प्रत्येक हिन्दू परिवार से एक व्यक्ति को गणवेश धारण करना चाहिए
सीहोर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नगर सीहोर में बस्ती सह पथ संचलन तीन स्थान से प्रथम स्थान मुखर्जी एवं ब्रह्मपुरी बस्ती का पथ संचलन सेवा भारती कार्यालय नदी चौराहा, द्वितीय स्थान झूलेलाल एवं शिवाजी बस्ती का संचलन सिंधी कॉलोनी एवं तृतीय स्थान दीनदयाल एवं चाणक्यपुरी बस्ती का संचलन विशाल मेगा मार्ट चाणक्यपुरी से होते हुए बस्तियों में भ्रमण किया गया। इन कार्यक्रमों में अध्यक्षता सत्येंद्र शर्मा समाजसेवी, रमेश आहूजा सिंधी समाज सेवक, सुश्री शालिनि वर्मा राष्ट्रीय मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अतिथि रमाकांत रिछारिया, मुख्य वक्ता भारत सोनी नगर संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर सीहोर, शाश्वत सक्सेना जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला सीहोर एवं प्रताप मेवाड़ा नगर कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर सीहोर उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता शालिनी वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि संघ के स्वयंसेवक निष्ठावान, ईमानदार और संकल्प पूरा करने वाले होते हैं एक बार जो संकल्प ले लेते हैं उसको पूरा करते हैं संघ पर तीन प्रतिबंध लगे इसके बावजूद संघ के स्वयं सेवक अपना कार्य करते रहे और आज 100 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी संघ कार्य सतत चल रहा है
वक्ता भारत सोनी ने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की संकल्पना में विश्वास करता है। चूँकि भारत दुनिया का ही एक हिस्सा है, अत: भारत प्रगति करता है तो ऐसा करके वह दुनिया की प्रगति में भी योगदान देता है।
‘आत्मनिर्भर भारतÓ के निर्माण में वैश्वीकरण का बहिष्करण नहीं किया जाएगा अपितु दुनिया के विकास में मदद की जाएगी।
नगर कार्यवाह ने कहा कि 1925 में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी, तब न कोई पद था, न कोई नेता, न कोई सचिव, फिर भी संघ अपने विचारों के प्रति निष्ठावान रहा और वटवृक्ष के रूप में संघ का पौधा तैयार किया। यह एक जैविक घटना है। संघ भारत की एकता और अखंडता के लिए कार्य करता रहा है। शाखा ही संघ की शक्ति है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर बस्ती के मुख्य मार्गो से होते हुए पथ संचलन निकला।
संघ के यह 100 वर्ष प्रत्येक स्वयंसेवक के त्याग परिश्रम अनुशासन से युक्त है।
प्रत्येक स्वयंसेवक के कार्य कुशलता के आधार पर संघ आज अपने 100 वर्ष पूर्ण कर पाया है।
मुख्य वक्ता सीहोर जिला प्रचारक ने संघ की 100 वर्षो की यात्रा कीस प्रकार पूर्ण हुई है संघ का कार्य किस प्रकार समाज परिवर्तन की दिशा मे कार्य कर रहा है। भारत से प्रेरणा आज पूरा विश्व पा रहा है।
पंच परिवर्तन- सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्वदेशी जीवन शैली, नागरिक कर्तव्य, जैसे विषयो पर स्वयंसेवकों के बिच मे रखा।








