नर्मदापुरम। योगाचार्य रघु्वीर सिंह राजपूत के महाकुम्भ प्रयागराज से लौटने पर ग्राम वासियों ने स्वागत सम्मान कर शुभकामनाएं दी। इस अवसर अवसर पर यज्ञ किया गया। योगाचार्य द्वारा महाकुंभ में स्थित योग शक्ति साधना आश्रम में योग का प्रशिक्षण दिया। योगाभ्यास करते हुए श्रद्धालुओं को आसन प्राणायाम सूर्य नमस्कार एवं ध्यान का अभ्यास कराया करते हुए कहा आप सभी यहां महाकुंभ में संगम तट पर अपने जीवन के कल्याण एवं मोक्ष की इच्छा से प्रयागराज पधारे हैं परमपिता परमात्मा को प्राप्त करने का साधन ऋषि मुनियों ने योग बतलाया ऋषि मुनियों के वेद धर्म आध्यात्मिक प्रवचनों को सुनकर ज्ञान कर्म उपासना, योग यज्ञ और सत्संग रुपी त्रिवेणी स्नान करता है और शास्त्रों के अनुकूल जीवन में व्यवहार करता है उसका मोक्ष होता है। धर्म अध्यात्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए महाकुंभ में देश.विदेश के सभी संत महात्मा हमें वैदिक सनातन धर्म और आध्यात्मिक के पथ पर चलने की प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं हमें उनके चरणों में बैठकर आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन के कल्याण के लिए प्राप्त करना चाहिए और त्याग तपस्या पूर्वक जीवन व्यतीत करते हुए ईश्वर के नाम एवं गुणों का ध्यान करना चाहिए। महाकुंभ में योगाचार्य जी के सुपुत्र देवराज शास्त्री जी ने भी संगम तट पर श्रद्धालुओं को योग का प्रशिक्षण दिया। शिविर में प्रमुख रूप से अभिषेक सिंह संदीप सिंह तीरथ सिंह अर्पित गौर मंगल यादव पुष्पा राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित रहे।






