नईदिल्ली (आरएनएस)। दिल्ली समेत पूरे भारत में छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार को एक्स पर साझा एक लंबे बयान में कहा कि पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर वह काफी दुखी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। बता दें कि पूरे देश में प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है। प्रधान ने अपने पत्र में बताया कि उन्होंने इसलिए इस्तीफा दिया है ताकि छात्र पढ़ाई पर ध्यान दें और करिअर पर फोकस करें। उन्होंने लिखा कि देश के युवा को कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही उनका संकल्प है। प्रधान ने लिखा कि जंतर-मंतर पर जो स्थिति बनी है, उसका लाभ राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठा पाए और युवा कानूनी पेचीदगी में न फंसे, इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं। प्रधान ने पत्र में लिखा कि 3 मई को हुई नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद उन्होंने परीक्षा रद्द की, सीबीआई को जांच सौंपी और अगले साल कम्प्यूटर आधारित परीक्षा कराने का फैसला लिया। प्रधान ने लिखा कि उन्होंने कभी अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा और दोबारा परीक्षा कराई। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर लिखा कि इस दौरान जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। प्रधान ने लिखा कि वह पिछले 4 दशक से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने लिखा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर उनका मन दु:खी है, यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है।प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है।








