नई दिल्ली, (आरएनएस)। राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को आयोजित ब्रिक्स व्यापार मंच को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संबोधित किया। दोनों नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को विकास और स्थिरता का मजबूत केंद्र बताया, वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों और प्रतिबंधों पर तीखा हमला बोला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, इसके बावजूद भारत लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत विकास और स्थिरता के लिए विश्वास का मजबूत स्रोत बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने भारत के वैश्विक विनिर्माण और नवाचार के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए नया मंत्र दिया—‘भारत में बनाएं, भारत के साथ नवाचार करें और दुनिया के लिए पैमाना तय करें।’ उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है और दुनिया के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया भर में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक पुलों का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स इस वर्ष अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है और इसके व्यापक परिवार में अब 21 देश शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में उनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में करीब 20 प्रतिशत है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से अपनी सामूहिक क्षमता को वैश्विक समाधान में बदलने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स को अपनी महत्वाकांक्षाओं को ठोस कार्रवाई में बदलना चाहिए और अपनी सामूहिक ताकत का उपयोग दुनिया की प्रगति के लिए करना चाहिए। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों की आर्थिक नीतियों और प्रतिबंधों पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिमी देश प्रतिबंधों और अवैध वित्तीय बाधाओं के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि ऐसे कदमों से पश्चिमी देश स्वयं अपनी साख खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का लगातार बढ़ता दायरा इस बात का प्रमाण है कि दुनिया अब किसी एकतरफा दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। राष्ट्रपति पुतिन ने सात देशों के समूह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रही है, जबकि तथाकथित सात देशों के समूह की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर को देखें तो दुनिया की आधे से अधिक आर्थिक वृद्धि ब्रिक्स देशों के कारण हुई, जबकि सात देशों के समूह का योगदान केवल 18 प्रतिशत रहा।
भारत-रूस संबंधों और ब्रिक्स के भविष्य पर राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी बेहद मजबूत है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स कोई पश्चिम विरोधी गुट नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण और स्वतंत्र केंद्र बन चुका है। पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स देश एक न्यायसंगत और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दोनों देशों के बीच 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता जताई।
ब्रिक्स व्यापार मंच में दोनों नेताओं के संबोधन को ऐसे समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब वैश्विक व्यापार, आर्थिक प्रतिबंधों, आपूर्ति मार्गों और बदलती अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संरचना को लेकर दुनिया में व्यापक चर्चा चल रही है।
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