भोपाल का मास्टर प्लान लागू कराने पूर्व मंत्री पीसी शर्मा 31 घंटे के उपवास पर बैठे

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भोपाल, (आरएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शुक्रवार को रोशनपुरा चौराहे पर 31 घंटे का उपवास शुरू किया। उनके साथ पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, अरुणेश्वर शरण सिंह देव, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार के पास भाजपा कार्यालय से जुड़े मास्टर प्लान और वहां हेलीपैड बनाने की योजना पर विचार करने का समय है, लेकिन राजधानी के मास्टर प्लान को लागू करने के लिए इच्छाशक्ति नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मास्टर प्लान लंबित होने के कारण भोपाल में अनियोजित विकास और भूमि उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।
2005 के बाद नहीं आया नया मास्टर प्लान
पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा कि भोपाल का आखिरी मास्टर प्लान 1995 में लागू हुआ था। नियमानुसार हर दस वर्ष में मास्टर प्लान तैयार किया जाना चाहिए, लेकिन 2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में भोपाल के वर्ष 2031 के मास्टर प्लान का प्रारूप तैयार कर 6-7 मार्च 2020 को प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया होनी थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान लागू होने से आवासीय, व्यावसायिक और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों के उपयोग को लेकर स्पष्टता आएगी और राजधानी का विकास नियोजित तरीके से किया जा सकेगा।
मास्टर प्लान से दलालों की भूमिका खत्म होने का दावा
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान लंबित रहने से भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति से जुड़े मामलों में आम लोगों को परेशानी हो रही है। उनका दावा है कि स्पष्ट भू-उपयोग व्यवस्था लागू होने पर अनुमति की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी तथा बिचौलियों की भूमिका कम होगी। उन्होंने भोपाल के बाहरी इलाकों में हो रहे निर्माण और अन्य गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक और हरित क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण होने से शहर का विस्तार व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है। पीसी शर्मा ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ हो रही सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से मिक्स लैंडयूज की व्यवस्था को अनुमति देने और नए व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पीसी शर्मा ने कहा कि सीलिंग कार्रवाई से बड़ी संख्या में व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।

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