काला सागर में एक भारतीय नाविक की मौत, ईरान में 28 भारतीयों वाले जहाज पर हमला

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रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री व्यापारिक मार्गों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। काला सागर में रूसी समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य भारतीय सुरक्षित हैं। वहीं, ईरानी जलक्षेत्र में मोजाम्बिक के ध्वज वाले द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर ‘दिशा’ पर भी हमला हुआ, जिसमें सवार सभी 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 18 जुलाई को रूसी समुद्री क्षेत्र में काला सागर से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाज एमवी ओमोरफी पर हमला किया गया। जहाज पर कुल 10 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हमले में एक भारतीय नाविक की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य भारतीय सुरक्षित हैं। मंत्रालय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि समुद्री व्यापारिक मार्गों पर बढ़ते हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्दोष नागरिकों तथा व्यापारिक जहाजों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है।
इधर, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि शुक्रवार को मोजाम्बिक के ध्वज वाले द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस टैंकर ‘दिशा’ पर ईरानी जलक्षेत्र में हमला हुआ। जहाज पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। दूतावास के अनुसार, सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले का आरोप अमेरिकी नौसेना पर लगाया गया है। दावा किया गया है कि हमले से पहले जहाज को चेतावनी देते हुए 15 मिनट का समय दिया गया था। हालांकि, इस संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
रूस और यूक्रेन के बीच चार वर्षों से अधिक समय से जारी युद्ध के कारण काला सागर क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा पर भी दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के कुछ समय बाद गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) पर भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं।
समुद्री मार्गों पर लगातार बढ़ते हमलों ने वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय नौवहन सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सम्मान करने तथा नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

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