चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव लडऩे की बात पर ट्रंप का मजाकिया ऐलान, अमेरिकी मीडिया ने बताया हास्यपूर्ण टिप्पणी

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित वार्षिक संवाददाता रात्रिभोज (व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर) के दौरान अपने संबोधन में चौथी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लडऩे की बात कहकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। हालांकि अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ट्रंप का यह बयान मजाकिया अंदाज में दिया गया था और इसे औपचारिक चुनावी घोषणा नहीं माना जा रहा है।
प्रेस की स्वतंत्रता को समर्पित इस वार्षिक समारोह में पहली बार शामिल हुए ट्रंप ने लगभग एक घंटे के अपने भाषण में पत्रकारों, मीडिया संस्थानों और अपने राजनीतिक विरोधियों पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मित्रतापूर्ण चुटकुले भी सुनाए और साथ ही उन समाचार माध्यमों की आलोचना भी की, जिन्हें वह अक्सर फर्जी समाचार प्रसारित करने वाला बताते रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि मीडिया हमेशा उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं करता, लेकिन वह पत्रकारिता के पेशे का सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी मजाक में कहा कि जब वह सार्वजनिक जीवन से हट जाएंगे, तब समाचार उद्योग के पास रिपोर्ट करने के लिए कुछ खास नहीं बचेगा।
इसके बाद ट्रंप ने ट्रंप 2028 लिखी टोपी पहनते हुए कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के चौथे कार्यकाल के लिए चुनाव लडऩे की घोषणा कर रहे हैं। उनके इस बयान पर समारोह में मौजूद लोगों ने हंसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया हो। इससे पहले भी वह कई मौकों पर तीसरे या चौथे कार्यकाल को लेकर संकेतात्मक और हास्यपूर्ण टिप्पणियां कर चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के अनुसार कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं बन सकता। इसलिए ट्रंप का यह बयान संवैधानिक रूप से संभव नहीं माना जाता और इसे राजनीतिक व्यंग्य तथा हास्य के रूप में देखा जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2016 में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति का पद संभाला था। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्हें जो बाइडेन से पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज कर उन्होंने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में वापसी की। ऐसे में चौथे कार्यकाल संबंधी उनकी टिप्पणी राजनीतिक चर्चा का विषय जरूर बनी, लेकिन इसे औपचारिक चुनावी घोषणा नहीं माना गया है।

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