गर निगम का गजब कारनामा, रेलवे की जमीन पर बना डाला सुलभ शौचालय, फिर जो हुआ उसे जानकर आप भी पीट लेंगे सिर

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल इन दिनों अजब-गजब कारनामों का शहर बनती जा रही है। यहां के ऐशबाग इलाके में नगर निगम ने एक ऐसा हैरान करने वाला काम किया है, जिसे सुनकर कोई भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएगा। निगम के अधिकारियों ने बिना सोचे-समझे रेलवे की जमीन पर लाखों रुपये खर्च करके एक सुलभ शौचालय खड़ा कर दिया। लेकिन इससे पहले कि लोग इसका इस्तेमाल कर पाते, रेलवे ने कुछ ऐसा कर दिया कि पूरा का पूरा शौचालय ही शोपीस बनकर रह गया।
बाउंड्री वॉल के पीछे कैद हुआ शौचालय
यह पूरा मजेदार और लापरवाही भरा मामला ऐशबाग के 90 डिग्री पुल के पास स्थित वार्ड नंबर 40 का है। यहां नगर निगम की ओर से जोरों-शोरों से एक सुलभ शौचालय का निर्माण किया जा रहा था। यह शौचालय बस बनकर तैयार ही होने वाला था कि अचानक रेलवे विभाग ने अपनी जमीन पर दखलंदाजी देखते हुए शौचालय के ठीक आगे अपनी एक ऊंची बाउंड्री वॉल (दीवार) खड़ी कर दी। इस दीवार के बनने से सुलभ शौचालय पूरी तरह से उसके पीछे कैद हो गया है और अब आम लोगों के लिए वहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ही नहीं बचा है।
अधिकारियों ने अनसुनी कर दी थी लोगों की चेतावनी
नगर निगम की इस घोर लापरवाही और सरकारी पैसे की बर्बादी पर अब जमकर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि जब इस सुलभ शौचालय का निर्माण शुरू किया जा रहा था, तब उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को साफ तौर पर चेतावनी दी थी। लोगों ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह रेलवे की संपत्ति है और यहां निर्माण न किया जाए। इसके बावजूद अडिय़ल अधिकारियों ने एक न सुनी और अपनी मनमानी करते हुए जनता के टैक्स का पैसा पानी की तरह बहा दिया। नतीजा यह हुआ कि अब यह शौचालय किसी के काम का नहीं रहा।
क्या अब शौच जाने के लिए बनेगा फ्लाईओवर?
इस भारी गैर-जिम्मेदारी को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। क्षेत्रीय लोग और पार्षद अब नगर निगम के इस काम पर तीखा तंज कस रहे हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि जब शौचालय तक जाने का रास्ता ही बंद हो गया है, तो क्या अब नगर निगम वहां तक पहुंचने के लिए कोई नया फ्लाईओवर ब्रिज बनाएगा या फिर जमीन के नीचे से अंडरपास खोदा जाएगा? इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अलमास अली ने बताया कि लोगों ने निगम से इलाके में एक शौचालय की मांग जरूर की थी, लेकिन उन्होंने इसे रेलवे की जमीन पर ही तान दिया। अब दीवार बनने के कारण यह पूरी तरह से बेकार हो गया है।

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