मुखर्जी काम्पलेक्स के मार्ग पर मनमानी, अतिक्रमण करते हुए लगाई सीढ़ी

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प्रशासन का खौफ नहीं, नपा के नियम और निर्देश का खुला उल्लंघन

अतिक्रमण करने वाले से क्यों डर रही नगर पालिका?

नर्मदापुरम। आखिरकार एक बार फिर मुखर्जी काम्पलेक्स के मार्ग पर मनमानी पूर्वक अतिक्रमण करते हुए, तथा नगर पालिका और शासन प्रशासन के नियमों को दरकिनार करते हुए अतिक्रमण करने वाले द्वारा अवकाश का फायदा उठाते हुए सरेआम सीढ़ी लगाकर नगर पालिका को खुली चुनौती दी गई। पूर्व में नपा ने साफ शब्दों में स्पष्ट रूप से सीढ़ी लगाने के लिए लिखित में मना कर दिया था। लेकिन सीढ़ी लगाने वाले ने रविवार तथा होली के अवकाश का समय चुनते हुए नपा के नियमों निर्देशों का खुला उल्लंघन करते हुए अतिक्रमण करते हुए नपा को चैलेंज दिया है कि आप से बने वह करलो हम तो सीढ़ी लगाएंगे। एक बार नपा के द्वारा पूर्व में शक्तिपूर्वक लगी हुई सीढ़ी को हटवा दिया था। और यह स्पष्ट कर दिया था कि सीढ़ी लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन उसके बाद भी सीढ़ी लगाई जाना या तो कोई गुप्त समझौते का नतीजा है या फिर सीढ़ी वाले ने यह स्पष्ठ कर दिया कि प्रशासन होता कौन है? हमें अतिक्रमण करना है तो करना है। प्रशासन से बने तो हटाकर बताए। जबकि उक्त मामले की जानकारी जनसुनवाई में जिला प्रशासन और नगर प्रशासन को दी जा चुकी थी। इसके बाद भी अतिक्रमण करने वाले के होंसले को देखा जा सकता है कि उसने प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए सीढ़ी लगाकर अतिक्रमण कर लिया है।

नपा के आदेश को नहीं मान रहा अतिक्रमणकारी

नपा ने 23 दिसंबर को आदेश क्रमांक 8407 के माध्यम से जीना नहीं लगाने के लिए स्पष्ट आदेश दिया था। उस आदेश को कागज का टुकड़ा मानकर सरेआम अवैधानिक रूप से सीढ़ी लगाने का अतिक्रमण का कार्य हुआ है। सार्वजनिक मार्ग पर सीढ़ी लगाकर मनमानी की गई है।

शासन प्रशासन अतिक्रमण हटाने को कहता है

प्राय: देखा गया है कि शासन प्रशासन स्तर पर अतिक्रमण हटाने की बातें कही जाती है। क्या यह दिखावा है जब प्रशासन के पास लिखित में यह जानकारी दी जा चुकी है कि मार्ग पर लोहे की सीढ़ी लगाकर अतिक्रमण किया जा रहा है तो फिर या तो ऐसी जनसुनवाई बंद कर देनी चाहिए या जांच कर मामले की गंभीरता को समझना चाहिए कि ऐसा भी हो सकता है कि कोई प्रशासन के नियमों को ताक में रखकर सरेआम अतिक्रमण करे और प्रशासन मूक दर्शक होकर देखता रहे। अब देखना यह है कि होली के त्याोहार बाद उक्त अतिक्रमण हटाया जाता है या प्रशासन आंख मूंदकर इसी प्रकार अतिक्रमण् करने वालों को छूट प्रदान करेगा? सतरस्ता के पास अतिक्रमण करना आवासीय परिसर में अवैधानिक रूप से व्यवसाय करने और इससे बड़ी बात नगर पालिका द्वारा मना करने के बाद भी अतिक्रमण करने का मामला अपने आप में वास्तव में बहुत गंभीर है।

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