पूजन अर्चन के बाद हुआ दहन, कल मनेगा रंगोत्सव, श्रीराम चौक पर कंडे व नारियल की होली
नर्मदापुरम। होलिका उत्सव के तहत युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह है। शाम को पूजन के बाद रात में होलिका दहन हुआ। चंद्र ग्रहण के कारण आज धुलेंडी नहीं मनाई जाएगी। कल मलेगी। शहर में करीब 250 स्थानों पर होली जलाई गई। हर मोहल्ले और हर कालोनी की अपनी होली के चलते जगह -जगह होलिका दहन वाले स्थानों तैयारी की गई थी। होली के पर्व पर कई लोगों ने शाम से रंग गुलाल लगाना शुरू कर दिया था।
डांडे वाले स्थानों को सजाया
शहर के अनेक स्थानों पर सुबह से होलिका दहन वाले स्थानों पर डांडे को सजाया गया। साफ -सफाई कर वहां पर कंडे रखे गए कुछ स्थानों पर लकड़ी भी सजाई गई। शाम के समय मोहल्ले के लाेगों के द्वारा होली वाले स्थान पर पूजन का क्रम शुरू हो गया था। यह क्रम देर शाम तक जारी रहा। देर रात में होलिका दहन किया गया। छिन्न मस्तिका उत्सव समिति के द्वारा बीते 30 वर्षों की तरह नारियल व कंडे सहित लकड़ी की होली जलाई गई।
कंडे और नारियल की होली
सतरस्ता सहित शहर के अनेक स्थानों पर गोकाष्ट व कंडे की व्यवस्था की गई। जिसमें नर्मदापुरम युवा मंडल व वरिष्ठजनों के साथ युवा भी सहयोग कर रहे थे। पर्यावरण को बचाने के संदेश देने वाले योगेंद्र साेलंकी, अखिलेश खंडेलवाल सहित अनेक लोगों ने गोकाष्ठ की होली शाम को ही जलाई। शहर के अनेक स्थानों पर कंडे की होली जलाने की व्यवस्था हुई। कुछ स्थानों पर कंडे के साथ नारियल की होली भी जलाई गई।
युवाओं और बच्चों में रहा विशेष उत्साह
होली के पर्व पर मस्ती के मूंड में युवा और बच्चे ज्यादा नजर आ रहे हैं अनेक बच्चों ने एक दिन पूर्व से ही नई नई पिचकारियां बुलवा ली थी। जब पिचकारी आ गई तो वे कहां रूकने वाले थे। दोपहर बाद से ही अनेक बच्चे पिचकारी में रंग भर कर एक दूसरे पर रंग डालने की मस्ती में मस्त नजर आ रहे थे।
कल उड़ेगा रंग गुलाल
होली के मुख्य त्योहार धुलेंडी के अवसर पर बुधवार को शहर के अनेक स्थानों पर जुलूस के रूप में युवाओं की टोली निकलेगी जो रंग उत्सव मनाने के साथ धमाल करेंगे। युवाओं के द्वारा एक दिन पूर्व से ही तैयारी की गई है। रंग के साथ गुलाल और अन्य व्यवस्थाएं जुटाते हुए अपने साथियों को रंग से सराबोर करने की तैयारी की गई है।
बाजार में जमकर हुई खरीदी
त्योहारी बजाार के चलते बाजार में दो तीन दिन पूर्व से ही अच्छी खासी खरीदी हो रही है। बााजार में रौनक बनी रही। घर में बनने वाले पकवान की सामग्री की खूब बिक्री हुई है। सतरस्ते पर त्यौहारी बाजार लगा हुआ था। मुख्य बाजार क्षेत्र में भी पर्व का महौल बना रहा।






