ई-फाइलिंग पोर्टल पंजीयन में तेजी लाएं, सभी विभाग एक सप्ताह में कार्य पूर्ण करें : कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना

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कलेक्टर सुश्री मीना ने समय-सीमा की बैठक में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

टीएल प्रकरणों के निराकरण में देरी स्वीकार्य नहीं की जाएगीसमय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करे अधिकारी

स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्‍ती सुनिश्चित करें सभी संबंधित विभाग

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें ‘नॉन-अटेंडेड’ न रखें अधिकारीशिकायतों के निराकण में एक सप्ताह में लाएँ सुधार

नर्मदापुरम/  ई-फाइलिंग पोर्टल पर सभी जिला अधिकारी अपने-अपने संबंधित विभागों का पंजीयन किया जाना सुनिश्चित करें। उक्त प्रक्रिया को आगामी एक सप्ताह में पूरी की जाए। संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा प्राप्त टीएल प्रकरणों का निराकरण समय अवधि में किया जाए। वन अधिकार पट्टा धारकों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किए जाने हेतु विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। जनजातिय कार्य विभाग अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर केसीसी, पीएम किसान सम्मान सहित शासन की अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पट्टा धारकों को पहुंचाए। सभी जिला अधिकारी अपने विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति करें। धन उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लें अधिकारी। उक्त निर्देश कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना द्वारा साप्ताहिक समय सीमा की बैठक के दौरान समस्त जिलाधिकारियों को दिए गए।

ई-फाइलिंग पंजीयन एक सप्ताह में पूर्ण करें

कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने समय सीमा की बैठक के दौरान निर्देशित किया कि सभी जिला अधिकारी अपने-अपने कार्यालय का पंजीयन ई फाइलिंग पोर्टल पर आगामी एक सप्ताह में किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आगामी भविष्य में ई फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ही न्यायालयीन प्रक्रिया का संचालन किया जाएगा। साथ ही किसी भी प्रकार के न्यायालय प्रकरण को दर्ज करने में भी आसानी होगी। इसी के साथ कलेक्टर ने ई विकास पोर्टल के संबंध में भी किसानों से पोर्टल का संचालन करवाए जाने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि विभाग को निर्देश दिए की पोर्टल के माध्यम से टोकन जेनरेशन किए जाने के लिए किसानों को प्रक्रिया से अवगत करावे।

टीएल प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करें अधिकारी

बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संभाग आयुक्त कार्यालय से प्राप्त टीएल प्रकरणों के अंतर्गत समय सीमा में जवाब दर्ज किए जाएं।  उन्होंने कहां की निर्धारित समय अवधि में जवाब दर्ज करना संबंधित अधिकारियों का दायित्व है। कलेक्टर ने समय सीमा शाखा प्रभारी को निर्देशित किया की समस्त अधिकारियों को संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा प्राप्त टीएल मामलों की सूची उपलब्ध करवाए एवं सर्व संबंधित अधिकारी उक्त प्रकरणों में शीघ्र ही शाखा में जवाब प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए की समय सीमा के प्रकरणों के निराकरण में हीलाहवाली करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियम अनुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। इसी प्रकार उन्होंने निर्देश दिए की कलेक्टर कार्यालय द्वारा दर्ज टीएल प्रकरण में भी शीघ्र जवाब दर्ज किए जाएं तथा उक्त जवाब नस्ती पर भी प्रस्तुत करें जिससे टीएल प्रकरण को बंद किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए की 1 वर्ष अधिक पुरानी कोई भी टीएल प्रकरण लंबित न रहे संबंधित अधिकारी या सुनिश्चित करें।

वन अधिकार पट्टाधारकों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु आयोजित करें विशेष शिविर

बैठक के दौरान वन अधिकार पट्टाधारकों को शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभ से लाभान्वित करने के लिए जनजातीय कार्य विभाग को कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि बैंक तथा अन्य विभागों के के बीच समन्वय करवाते हुए पट्टाधारकों को केसीसी, पीएम किसान सम्मन निधि सहित शासन की अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए की जनजातीय कार्य विभाग विशेष शिवरों का आयोजन करें एवं योजनाओं का लाभ संबंधित पट्टाधारियों को उपलब्ध कारावें। कलेक्टर ने कहा कि एलडीएम योजनाओं से बैंक में लंबित संबंधित प्रकरणों का रिव्यू भी नियमित रूप से करें।

स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करें संबंधित विभाग

समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए की स्वरोजगार योजनाओं के प्राप्त लक्षयों की पूर्ति के लिए संबंधित विभाग योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने हेतु कार्यवाही तेज करें। उन्होंने निर्देश दिए की सभी संबंधित विभाग अपने-अपने विभागीय कार्यों में प्रगति लाए। उन्होंने निर्देश दिए की योजनाओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज न होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के सीईओ एवं सीएमओ से चर्चा कर हितग्राहियों की पहचान करें। विशेष कार्यशालाओं का आयोजन भी करें जिससे हितग्राहियों को आवश्यकता अनुसार योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा सके। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए की सभी विभाग यह सुनिश्चित करें की योजनाओं के लक्ष्य शत प्रतिशत प्राप्त कर लिए जाएं इसके लिए अभी से योजनाओं की वर्तमान स्थिति का आंकलन कर कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि संबंधित सीईओ एवं सीएमओ अपने क्षेत्र अंतर्गत पीएमएफएमई योजना के तहत स्वरोजगार स्थापित किए जाने हेतु पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर संबंधित विभाग के जिलाधिकारी को जानकारी उपलब्ध करवाए। एलडीएम बैंक मैनेजर्स से सतत बैठके कर स्वीकृत प्रकरणों में ऋण राशि का संवितरण सुनिश्चित करावे।

न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब दर्ज करें अधिकारी

बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारी विधि शाखा से समन्वय अपने-अपने कार्यालय से संबंधित न्यायालयीन प्रकरणों के बारे में जानकारी एकत्रित कर उनमें समय सीमा अवधि के अनुसार जवाब दावे दर्ज करें। उन्होंने कहा कि समस्त अधिकारी स्वयं जवाबदारी के साथ शाखा प्रभारी से चर्चा कर मामलो का गहनता पूर्वक अवलोकन करें एवं जवाब प्रस्तुत करे।

उपार्जन केंद्रों एवं वेयरहाउस का सतत निरीक्षण करें जिला एवं खंड स्‍तरीय उपार्जन समिती

कलेक्टर ने धान उपार्जन की समीक्षा करते हुए उपार्जन प्रकिय्रा से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केन्‍द्रों का सतत भ्रमण करें। उन्होंने उपायुक्त सहकारिता, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला प्रबंधक वेयरहाउसिंग आदि अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्र तथा वेयरहाउस का निरंतर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। किसी भी प्रकार की अनियमित पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को भी निर्देश दिए की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए वह भी निरंतर धान खरीदी की मॉनिटरिंग करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उपार्जन के तहत आवश्यकता पड़ने वाली समस्त सामग्रियों की केंद्रों पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही खरीदी उपरांत परिवहन एवं आर टू टी कार्य में भी गति रखी जाए जिससे भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सिकमी बटाईदारों का निरीक्षण दल द्वारा सत्यापन किया जाए।

विशेष पट्टा अभियान का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हो सफल क्रियान्वयन

कलेक्‍टर ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत संचालित विशेष पट्टा अभियान के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए गठित दल द्वारा सतत कार्य किया जाए जिससे धरातल पर अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए की सभी एसडीएम आगामी लगभग दो माह तक इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने भू अभिलेख प्रभारी अधिकारी को निर्देशित किया कि अधिनियम से संबंधित प्रावधानों एवं नियमों के बारे में आवश्यक जानकारी प्रेषित करें।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में सुधार लाएं—कोई भी शिकायत ‘नॉन-अटेंडेड’ न रहे,

उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के तहत कोई भी अधिकारी किसी भी शिकायत को नॉन अटेंडेड ना रखें। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि इस प्रकार की लापरवाही करने पर अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए की सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायत पर निर्धारित समय सीमा अवधि में आवश्यक रूप से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड लेवल ऑफिसर सुनिश्चित करें कि कोई भी शिकायत नॉन अटेंडेड स्थिति में ना रहे। कलेक्टर ने विभागों की वर्तमान स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी विभाग द्वारा अब तक सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में अपेक्षाकृत प्रगति दर्ज नहीं की है। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए की स्थिति में सुधार कर एक सप्ताह के भीतर शिकायतों के निराकरण में तेजी लाएं।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने अन्य विषयों की भी विस्तारपूर्वक समीक्षा की। कलेक्टर ने डीएमओ मार्कफेड को निर्देश दिए की मंडियों में शेड निर्माण कार्य की प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग करें। उन्होंने शिक्षक उपस्थित के लिए उत्पन्न हो रही तकनीकी एवं गैर तकनीकी समस्याओं के संबंध में तत्काल तकनीकी शाखा को सूचित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए की छात्रवृत्ति की स्थिति अद्यतन की जाए साथ ही विद्यार्थियों के प्रोफाइल अपडेशन की कार्यवाही भी तेज करें। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न रहे संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गीता भवन के लिए भूमि का निर्धारण कर शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाए। कलेक्टर ने समस्त सीएमओ को निर्देश दिए की निराश्रित मवेशियों एवं स्वानों से होने वाले नुकसान एवं समस्याओं से निराकरण हेतु निरंतर कार्यवाही की जाए तथा विशेष कार्य योजना तैयार कर समस्या का  निदान किया जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमण को हटाने के लिए भी नगर पालिकाओं द्वारा विशेष कार्य योजना के तहत कार्य किया जाए। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निरंतर रूप से की जाए ना की समय अंतराल पर। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमण हटाया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए की अधिकारी, किसी भी बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों के संबंध में कार्यवाही विवरण शीघ्र प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि विभागीय समितियां की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए।

ये रहे उपस्थित

बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री राजीव रंजन पांडे, श्री अनिल जैन, सिटी मजिस्ट्रेट श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री बृजेन्द्र रावत, एसडीएम नर्मदापुरम श्री जय सोलंकी सहित अन्‍य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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