नर्मदांचल पत्रकार संघ के भवन में हुई परिचर्चा
नर्मदापुरम। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो पत्रकार भवन में एक परिचर्चा एवं संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। नर्मदांचल पत्रकार संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी सहित प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों, अधिवक्ताओं और विशिष्ट जनों ने श्री कानूनगो का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
परिचर्चा के दौरान श्री कानूनगो ने मानवाधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और पत्रकारों से संवाद किया। श्री कानूनगो ने कहा कि साल 2014 के बाद देश में पत्र.पत्रिकाओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जो अब बढ़कर करीब 1 लाख 50 हजार तक पहुँच गई है। वर्तमान में चार लाख से ज्यादा पत्रकार फील्ड में काम कर रहे हैं 900 टीवी चैनल डिजिटल रूप में सक्रिय हैं। सोशल मीडिया और यूट्यूब के इस दौर में पत्रकारों की संख्या और दायरा काफी बढ़ा है।
पत्रकारों की सुरक्षा और आवास मिलना चाहिए
श्री कानूनगो ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और आवास की व्यवस्था उनका बुनियादी अधिकार है और इसे लेकर हर स्तर पर ठोस प्रयास होने चाहिए। पत्रकारों की सुरक्षा बेहद जरूरी है और यह उन्हें मुहैया कराई जानी चाहिए। अतीत का एक संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों को हमेशा एकजुट रहना चाहिए। पत्रकार एक ही बिरादरी का होता है इसमें कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। संकट के समय हमें एक.दूसरे की मदद की आवश्यकता होती है, इसलिए पत्रकार बिरादरी की एकता अनिवार्य है।
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल तिवारी, बलराम शर्मा, धर्मेंद्र दीवान, राजेंद्र परिहार, मनोज चौरे, राजीव अग्रवाल, डॉण् सीमा केथवास, विजय कुंभारे मनोज सोनी विपिन महंत, मुकेश भदोरिया, कमल चाव्हाण, दयाराम फौजदार, मदन शर्मा, प्रदीप गुप्ता, रुद्र प्रताप, पुरुषोत्तम मालवीय, हेमंत राजपूत, एनडी दीक्षित, पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रदीप चौबे, मनोज जराठे, केएन त्रिपाठी, डॉ मयंक तौमर, इंद्र कुमार सोनी, अजय शर्मा, हिना अली, खुशबू बूलचंदानी, दुर्गेश भट्ट मनीष सोलंकी राजीव दुबे राजेश रैकवार अनिल कहार सौरभ परदेसी मनोज यादव अनूप तोमर अनंत तिवारी मनीष तिवारी गोविंद चौधरी एवं गोलू अवस्थी सहित बड़ी संख्या में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान श्री कानूनगो को माँ नर्मदा की छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं
श्री कानूनगो ने परिचर्चा में आवास और सुरक्षा सहित कई प्रमुख मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। पत्रकार भवन में उपस्थित को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता करना एक बड़ी चुनौती है। पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में भी समाज को आईना दिखाने का काम करते हैं, इसलिए उनकी सामाजिक और भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए सुरक्षित और सुलभ आवास की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपने दायित्वों का निर्वाह कर सकें। फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों को अक्सर कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है, उनके खिलाफ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रताड़ना को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और शासन स्तर पर भी पत्रकारों की न्यायसंगत मांगों को सही मंच पर उठाने की बात कही। इसके साथ ही सुरक्षा, बीमा और मानदेय सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने संवाद किए। आवास आवंटन और कार्यस्थल पर आने वाली सुरक्षा संबंधी अड़चनों से उन्हें अवगत कराया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया। संचालन विजय कुंभारे ने आभार प्रदर्शन बलराम शर्मा द्वारा ने गया।







