-गुरूकुल अध्यक्ष, प्रधानाचार्य, आचार्य और ब्रम्हचारी जुटे हुए हैं तैयारी में
नर्मदापुरम। देश में अपनी अलग ही ख्याति अर्जित करने वाले गुरूकुल में तीन दिवसीय गुरूकुल महोत्सव का आयोजन 12 दिसंबर से शुरू होगा। इस महोत्सव में देश के विभिन्न प्रांतों से वैदिक विद्वान शामिल होंगे। गुरूकुल अध्यक्ष स्वामी ऋतस्पति परिब्राजक ने बताया कि गुरूकुल के इस बार गुरूकुल महोत्सव 12, 13, और 14 दिसंबर को होगा। उन्होने बताया कि गुरूकुल के इस वार्षिकोत्सव में तीनों दिन विशेष समारोह आयोजित होंगे। जिसमें वेदों के पारायण महायज्ञ प्रतिदिन प्रात:07.30 बजे से प्रारंभ होंगे। इसके साथ ही योग प्रशिक्षण, प्रात:05.30 बजे 06.30 बजेे तक जिसमें आसन,प्राणयाम, ध्यान योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्वानों का सम्मान किया जाएगा। प्रथम दिन ओइएम का ध्वजारोहण होने के बाद अपरान्ह में शोभायात्रा का आयोजन होगा जो कि शहर के विभिन्न मार्गों से निकाली जाएगी। इसके अलावा भजन संध्या होगी। दूसरे दि, विद्वत सम्मान, वहीं समापन अवसर पर सहयोगियों का अभिनंदन होता है।
इन्हें किया है आंमत्रित
गुरूकुल के प्रधानाचार्य सत्यसिंधु महाराज ने बताया कि गुरूकुल महोत्सव में राजस्थान, मुम्बई, हरिद्वार, झाबुआ, जयपुर, संदलपुर, जबलपुर, देवास, जमानी सहित अन्य स्थानों से वैदिक विद्वान आ रहे हैं।
गुरूकुल में तैयारी जारी
गुरूकुल में होेने वाले इस महोत्सव के लिए बीते एक माह से तैयारी जारी है। जो अंतिम चरण में हैं। गुरूकुल अध्यक्ष, प्रधानाचार्य, आचार्य और बटुक ब्रम्हचारी महोत्सव की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस मौके पर गुरूकुल में वेदों का अध्ययन करने वाले ब्रम्हचारियों के परजिन भी शामिल हेाते हैं। यहां पर तीन दिन तक वैदिक विद्वानों का मेला जैसा लगता है।






