शरद पूर्णिमा पर नर्मदा तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मंदिरों में हुए अनेक धार्मिक आयोजन

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-शुरू हुए कार्तिक स्नान, शाम को कई महिलाओं ने किया नर्मदा जी में दीपदान

नर्मदापुरम। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मां नर्मदा तट के सभी घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। दो दिन पूर्णिमा होने से व्रत और दान पुन्य की पूर्णिमा आज मनाई जाएगी। नर्मदा के किनारे और घाट सहित मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होते रहे। शाम को भी धवल चांदनी में गीत संगीत भजन के कार्यक्रम के साथ ही काव्य गोष्ठी के आयोजन हुए। स्नान पर्व के मौके पर शहर के सभी घाटों पर सुबह से तांता लगा हुआ था। सुबह से ही स्नान किया जाने लगा था वहीं शाम को सूर्यास्त होते ही मां नर्मदा की जलधारा में कई महिलाओं ने दीपदान किए। स्नान और दीपदान के दौरान घाटों पर बने मंदिरों में भी पूजन अर्चन किए जा रहे थे। इस पूर्णिमा के पावन मौके पर कई लोगों ने घाटों पर भगवान सत्यनारायण की पूजन अर्चन और कथा कराई। अनेक श्रद्धालुओं ने अपने परिवारों के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। शाम के समय नर्मदा तट पर मां नर्मदा की महा आरती की गई।

शुरू हुआ कार्तिक स्नान का क्रम

कार्तिक माह में पूरे महिने भर चंद्रमा की रोशनी में ब्रम्ह मुहुर्त में नर्मदा जी में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी के चलते शहर के सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से ही स्नान का क्रम शुरू हो गया है। अाचार्य पं नीरजेश त्रिपाठी ने बताया कि कार्तिक माह में सुबह सूर्यादय के पूर्व और चंद्रमा की मौजूदगी में नर्मदा में स्नान करने से घर में सुख समृिद्ध आती है। वहीं काया निरोगी रहती है। उन्होने बताया कि इस प्रकार जो व्यक्ति पूरे माह कार्तिक स्नान करते हैं उनकी मनोकामना तो पूरी होती ही है। वहीं सभी पाप भी नष्ट हो जाते हेैं। इस माह में निरंतर स्नान का विशेष पुण्य मिलता है।

घरों घर बनी खीर

प्राचीन मान्यताओं के चलते शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा से अमृत बरसता है। इसलिए खुले आसमान के नीचे दूध से बने हुए पेय पदार्थ को रखने का रिवाज है। जिसमें मुख्य रूप से खीर बना कर रखी जाती है। इसी कारण शरद पूर्णिमा के अवसर पर प्राय: हर घर में खीर बनाई जाती है। कई लोगों ने खीर बना कर पहले नर्मदा जी को भोग लगाया इसके बाद चांदनी के नीचे खीर को रखा गया। गायत्री परिवार के लोगों ने तो खीर बना कर घाट पर बैठे हुए दरिद्रनारायणों को खीर का प्रसाद वितरण किया। नर्मदा मंदिर में भी खीर बना कर प्रसादी वितरित की।

आज होगी मां की महाआरती

सेठानीघाट पर प्रति पूर्णिमा को होने वाली माँ नर्मदाजी की महाआरती स्नानदान पूर्णिमा 7 अक्टूबर मंगलवार को शरद पूर्णिमा की माँ नर्मदाजी की महाआरती पंच विप्रजनों द्वारा प्राचीन नर्मदा मंदिर के सामने महाआरती स्थल पर सायंकाल सम्पन्न की जावेगी ।

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