नर्मदापुरम। रामलीला समिति के द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का शनिवार को उमंग और उत्साह के साथ सेठानी घाट पर नर्मदा मंदिर के सामने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ समापन हुआ। लंका विजय के बाद भरत और श्रीराम के मिलाप के बाद भगवान श्रीराम अयोघ्या आ जाते हैं। उनके वनवास से लौटने पर पूरी अधोध्या में खुशियां मनाई गई। लोगों ने फूलों की वर्षा की। रामजी के आगमन होने पर खुशियां मनाते हुए सभी ने आतिशबाजी की। अनेक लोगों के द्वारा मिठाई बांटी गई। सेठानी घाट के रंग मंच को खूब सजाया गया। स्टेज पर मुनि वशिष्ठ और अन्य मुनियों ने श्रीराम को अाशीर्वाद दिया। राम जी ने तीनो माता कौशल्या, कैकई आैर सुमित्रा से आशीर्वाद लिया। तब पूरी अयोध्या नगरी के नागरिको के अनुरोध पर भगवान श्री राम ने आयोध्या के राजा के रूप में राजपाठ संभाला।
भगवान के राज्याभिषेक के अवसर पर सभी ने जय जयकार कर पुष्प वर्षा की। भगवान श्रीराम अपने तीनों भाईयों के साथ और जानकी के साथ सिंहासन पर विराजमान हुए। इस मौके पर श्रीराम जी भक्त हनुमान जी सहित वानर सेना भी मौजूद थी। सेठानी घाट आयोध्या के समान लग रहा था। इस आयोजन में संगीतकारों, के साथ ही शहर के अनेक कलाकारों ने पूरे 18 दिन लगन और उत्साह के साथ खूब मेहनत की। जिसमें कई बड़े बुजुर्ग सहित युवा आैर बच्चे भी शामिल रहे। इसके अलावा पर्दे के पीछे भी कई लोग जो समिति में हेैं और कई ऐसे लोग जो समिति में नहीं भी हेैं फिर भी भगवान राम के चरित्र की लीला के प्रदर्शन में तनमन से सहयोगी बने इन सभी का रामलीला समिति ने अाभार व्यक्त किया।
आज होगी हवन शांति
रामलीला समिति के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के सहयोग और रामलीला के पात्रों की उपिस्थति में 18 दिन तक श्रीरामलीला के आयोजन के समापन के बाद रविवार को नर्मदा तट स्थित श्रीराम मंदिर में हवन शांति होगी। उसके बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।






