आज अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर शतायु वृद्धों को किया जाएगा सम्मान

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  सफलता के लिए सकारात्मक सोच ज़रूरी है, जो चुनौतियों का सामना करने में मदद करती-संचालक राहुल सिंह
सीहोर। जीवन में गोल लक्ष्य से सफलता पाने के लिए सकारात्मक सोच, अनुशासन, कड़ी मेहनत और अच्छी संगत अपनाएं, जबकि बुरी आदतों से छुटकारा पाने के लिए उन आदतों के ट्रिगर को पहचानें, अपनी प्रगति पर नज़र रखें, छोटे लक्ष्य निर्धारित करें, और आत्म-करुणा व ज़रूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लें। उक्त विचार शहर के संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र में श्रद्धा भक्ति सेवा समिति के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर तीन दिवसीय कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर  संचालक राहुल सिंह ने कहे। उन्होंने बताया कि बुधवार को प्रशासन के निर्देशानुसार हर साल की तरह इस साल भी संकल्प वृद्धाश्रम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें करीब 50 से अधिक वृद्धों का सम्मान किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा सहित एक दर्जन से अधिक अतिथि मौजूद रहेंगे। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक  न्याय विभाग की ओर से सावन गांगले, कृपाल चौधरी, जिला संस्कार मंच के मनोज दीक्षित मामा, धर्मेन्द्र माहेश्वरी आदि शामिल थे।
इस मौके पर केन्द्र में हितग्राही शिवराज ने बताया कि वह 15 साल की उम्र में नशे का सेवन करने लगे थे, उनका परिवार परेशान था, लेकिन अब केन्द्र में आकर   बुरी आदत से छुटकारा मिल रहा है, आगे उन्होंने नशा नहीं करने का संकल्प लिया।  संचालक श्री सिंह ने कहाकि जीवन में परम लक्ष्य पाने के लिए तीन मार्ग बताए गए हैं। इन मार्ग पर चलने से जीवन को सच्चे आनंद और असली खुशी मिलती है। साथ ही आत्मबोध का भी अहसास होता है। ये तीन उपाय शुरुआत में भले ही कठीन लगें लेकिन जब इन उपाय के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे, तभी जीवन आपको परमात्मा से मिलन करवाता है। ज्ञान का उद्देश्य जीवन-लक्ष्य की खोज है। इसको धारण कर जीवन धन्य हो उठता है, मानव जीवन सफल हो जाता है। अज्ञानता जीवन लक्ष्य से भटकाव है। इसका साथ जीते जी कितनी ही बार मार देता है। यह अस्तित्व को शून्य में मिलाकर अपमान के गर्त में धकेल देता है और व्यक्ति को आत्मग्लानि से भर देता है।

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