अनेक स्थानों पर हुए हवन, भक्ति भाव के साथ निकले जवारे
नर्मदापुरम। देवी पूजन के विशेष पर्व शारदीय नवरात्र महोत्सव में महाष्टमी और नवमी की पूजन का सभी हिन्दु परिवारों में विशेष महत्व है। इस अष्टमी तिथि पर कई परिवारों के द्वारा परंपरागत रूप से कुटंबजनों के साथ मिलजुल कर पूजन पाठ किया गया। है। परिवार के लोगों के साथ मिल कर विधि विधान के अनुसार पूजन अर्चन की गई। इस मौके पर परिवार के लोगों के द्वारा पंरपरागत रूप से जिस घरों में पूर्वजों के द्वारा पूजन की जाती रही है। उस स्थान पर विशेष साफ सफाई और ताजा भोजन तैयार कर पहले कन्या भोज कराया गया। अष्टमी की पूजन के लिए अनेक परिवार के लोगों में विशेष उत्साह सुबह से ही बना हुआ था। कुटंब के लोगों के द्वारा पूजन कर कुल देवी से पूरे कुटंब की सलामती की कामना की। जिसके तहत सामूहिक रूप से पूजन करने वाले परिवारों में विशेष उत्साह बना हुआ था। एक बुजुर्ग राधेश्याम शर्मा कहा कि पूर्व में संयुक्त परिवार की परंपरा थी अब एकल परिवार ज्यादा हो गए हैं। फिर भी कुटंब के लोग आज भी कुटंब के देवी देवताओं की पूजन मिल जुल कर करते हैं। यह एक अच्छी बात है। भले ही दूर दूर रहते हो सभी को अपने कुल की देवी की पूजन अर्चन मिलजुल कर ही करना चाहिए।
हुए हवन पूजन
नवरात्र के मौेके पर नौवे दिन सभी देवी पंडालों में हवन पूजन किए गए। सभी देवी स्थलों पर हवन कुंड बनाए गए जहां पर आयुतियां डाली जा रही थी। आयोजन समिति के लोग पूजन अर्चन के साथ ही आहुति छोंड रहे थे। वहीं कई परिवारों में देवी के जवारे रखे गए हैं उनकी पूजन अर्चन के बाद नर्मदा जी में विसर्जन किया जा रहा। शहर के देवी पंडालों में दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा।






