नर्मदापुरम। समीपस्थ ग्राम रोहना में पांच दिवसीय दुर्गोत्सव रविवार से आरंभ होगा। यहां माता महिषासुरमर्दिनी के रूप में माता लक्ष्मी माता सरस्वती पुत्र कार्तिकेय और गणेश के साथ विराजित होंगी। उत्सव के समापन दिवस 2 अक्टूबर दशहरा के अवसर पर प्रसिद्ध सिंदूर खेला होगा। इस दिन माता सौभाग्यवती महिलाओं के साथ सिंदूर खेलेंगी।
प्रातः साढ़े 7 बजे से पूजा
नर्मदापुरम कालीबाड़ी सामाजिक समिति के अध्यक्ष डॉ आशुतोष शर्मा सचिव चंदन मंडल ने बताया कि रविवार 28 सितंबर को प्रातः साढ़े 7 बजे से पूजा आरम्भ होगी। सबसे पहले बोधन होगा। उसके बाद पूजा पुष्पांजलि अधिवास और शाम साढ़े 7 बजे संध्या आरती होगी। इसी प्रकार सप्तमी 29 सितंबर अष्टमी 30 सितंबर और नवमी 1 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से पूजा का क्रम प्रारंभ होगा। माता की पूजा बंगाली परम्परा अनुसार होगी। शाम को साढ़े 7 बजे संध्या आरती होगी।
प्रतिदिन भंडारा
समिति सदस्यों ने बताया कि पूजा स्थल पर भक्तों के लिए प्रतिदिन प्रातः की पूजा के बाद दोपहर 2 बजे से भंडारा प्रसादी होगी। इसके अतिरिक्त नवमी तिथि को दोपहर 1 बजे से हवन होगा।
2 अक्टूबर को सिंदूर वरण
उत्सव के समापन दिवस 2 अक्टूबर को दोपहर साढ़े 12 बजे से सिंदूर वरण होगा। डा मंडल ने बताया कि इस उत्सव में भक्त माता के साथ सिंदूर खेलेंगे। यह उत्सव सौभाग्यवती महिलाओं के लिए विशेष होता है। माता महिलाओं को सौभाग्य का वरदान देंगी। समिति पदाधिकारियों सुश्री साधना मित्रा प्रमोद शर्मा अमित माहेश्वरी उत्तम घोष अपर्णा मिश्र ने सभी से कार्यक्रम में उपस्थित होने की अपील की है।






