सीहोर । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस में हिंदी सप्ताह मनाया गया। इसके अंतर्गत दिनांक 19-09-2025 को “हिंदी का अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। स्वागत उद्बोधन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जैसा मनुष्य सोचता है वैसा ही वह बन जाता है। जब हम एक परिवार की तरह मिलकर प्रयास करेंगे तो निश्चित ही हिंदी को एक समृद्ध भाषा के रूप में विश्व पटल पर स्थापित कर सकेंगे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. राजकुमारी शर्मा ने कहा कि भारत को विश्व गुरु हमारे ग्रंथों और साहित्य के कारण माना गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा हिंदी के उन्ही ग्रंथों से परिचित कराने के लिए है जो हमको जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आंदोलित और प्रेरित करते हैं। विश्व चेतना को जगाने के लिए यह एक सक्षम भाषा है। हिंदुस्तान न्यूज़ एजेंसी के संपादक डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि यह हमारी संपर्क भाषा है और हमारे अंदर तक उतरकर अपनेपन का एहसास कराती है। यह हमारी अस्मिता का प्रतीक है अतः हमारे देश में हर क्षेत्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में माना जाना चाहिए। एमएलबी महाविद्यालय भोपाल से आए हिंदी के प्राध्यापक डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि स्वाभिमानी राष्ट्र अपनी भाषा का प्रयोग हर जगह करते हैं परंतु हम एक विदेशी भाषा से आतंकित रहते हैं। यह लंबे समय की गुलामी का प्रभाव है परंतु इसकी एक सीमा रेखा होनी चाहिए। हम समझ ही नहीं पाते कि भाषा जब हमसे छिनती है तो क्या-क्या चिन्ह जाता है। भाषा और संस्कृति एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अगर हमसे हमारी हिंदी छिनती है तो हमारी संस्कृति भी छिनती है। यह परिवेश का ही परिणाम है कि हमसे विश्व की सर्वाधिक उन्नत चिकित्सा पद्धति] अभियांत्रिकी और आर्थिकी छिन गई। हमें हमारा अस्तित्व बनाए रखने के लिए अपनी हिंदी भाषा को सबसे ऊपर रखना ही होगा। इसे ही संपूर्ण राष्ट्र की संपर्क भाषा बनाना होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि
एक दिन ऐसा होगा मन में है विश्वास]
हिंदी की होगी धरा] हिंदी का आकाश।
महाविद्यालय में हिंदी सप्ताह के अंतर्गत प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं जिनके परिणाम निम्नानुसार रहे- प्रश्न मंच प्रतियोगिता- प्रथम हर्षिता परमार] द्वितीय राजकुमारी परमार] तृतीय पलक शर्मा
काव्य पाठ- प्रथम हर्षिता परमार] द्वितीय राजकुमारी परमार] स्लोगन में प्रथम राजकुमारी परमार] द्वितीय हर्षित परमार] तृतीय पलक शर्मा निबंध प्रतियोगिता- प्रथम राजकुमारी परमार] द्वितीय हर्षिता परमार तथा तृतीय अनुराग मेवाड़ा
हिंदी सप्ताह का समापन दिनांक 20-09-2025 को भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित हिंदी की पुस्तकों की प्रदर्शनी के साथ हुआ। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. तृप्ता झा ने कहा कि हिंदी भाषा के वैश्विक महत्व] प्रशासनिक उपयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का होना आवश्यक है।हिंदी सप्ताह कार्यक्रमों का समापन दिनांक 20-09-2025 को भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित हिंदी की पुस्तकों की प्रदर्शनी के साथ हुआ।








