धूमधाम से शुरू हुआ नवरात्र महोत्सव शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
नर्मदापुरम। शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र महोत्सव सोमवार से भक्ति भाव और धूम धाम से शुरू हो गया है। इस सुअवसर पर शहर में करीब 250 स्थानों पर सुबह से ही देवी स्थापना समिति के सदस्यों द्वारा मूर्तियां लाकर स्थापना का क्रम शुरू हुआ तो देर रात स्थापना होती रही। इसी के साथ देवी जी के जवारे और घट स्थापना के साथ देवी भक्त पूजन पाठ में जुट गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने हाथों में लाल ध्वजा लेकर देवी धाम सलकनपुर की ओर रवाना हो रहे हैं। शहर में विभिन्न स्थानों पर व्रतधारी श्रद्धालुओं, यात्रियों के लिए फलहार की व्यवस्था की जा रही है। प्रथम दिन शहर के सभी देवी मंदिरों में जल चढाने वालों का तांता लगा हुआ था। मां देवी दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना के लिए शहर में प्रमुख स्थानों पर करीब 100 से अधिक जगह पर बडे पंडाल सजे हुए हैं। इसी के साथ देवी भजनों के आयोजन और गरबे के आयोजन शुरू हो गए हैं। कई लोग अपने घरों में देवी पाठ, देवी जस का आयोजन कर रहे हैं। अब नो दिन तक लगातार देवी मय वातावरण बना रहेगा।
देर रात तक जारी रहा स्थापना का क्रम
वेद मंत्रोच्चार के साथ भगवती देवी दुर्गा, माता महाकाली, भगवान भोलेनाथ, सांई बाबा, देवी सरस्वती, भगवान नरसिंह सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों की स्थापना की गई। दो दिन पूर्व तक लगातार बारिश के चलते नवरात्र महोत्सव समिति के द्वारा पंडालों में बारिश से बचाव के व्यापक प्रबंध किए हैं। गणेश स्थापना के समय से शुरू हुई लगातार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी।
50 स्थानों पर बड़ी मूर्तियां
शहर के लगभग 100 स्थानों पर बड़ी मूर्तियां स्थापित की गई हैं। जिनमें चौरे गली में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में देवी जी के अनेक रूप वाली मूर्तियां के दरबार स्थापित किए गए हैं। वहीं शहर के न्यू जय स्तंभ पर छिन्न मस्तिका उस्तव समिति के द्वारा हर बार नया स्वरूप देते हुए स्थापना की जाती है। इस बार भी भव्य पंडाल तैयार किया गया है। वहीं सब्जी मंडी समिति के द्वारा, तार आहता समिति के द्वारा माता महाकाली की मूर्तियाें की स्थापना की गई है। इसी के साथ हाउिंसग बोर्ड, रसूलिया, एसपीएम, मालाखेड़ी, कालका नगर, शांति नगर, आदमगढ़, ग्वालटोली, फेफरताल सहित अन्य स्थानों पर भी देवी की मूर्तियों की स्थापना की गई है। इस बार पहली बार हेप्पी मैरिज गार्डन में दादा धूनी वाले दरबार में देवी मां की स्थापना की गई है।
सुबह से जाने लगी थी प्रतिमाएं
शहर में देवी मूर्तियां बनाने वाले स्थानों पर रविवार से ही चहल पहल बढ़ गई थी। जिसमें सोमवार सुबह से ही देवी मूर्तियों को ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। विभिन्न वाहनों में देवी मूर्तियां को गाजे बाजे के साथ ले जाया जा रहा था। इतवारा बाजार की कुम्हार गली ,गुप्ता ग्राउंड, रामलीला मैदान के पास, से लेकर शक्ति मंदिर कोठीबाजार आदि अनेक स्थानों से मूर्तियां ले जाई जा रही थी।
शुभ मुर्हुर्त में हुई घट स्थापना
शारदीय नवरात्र के घट स्थापना का शुभ मुहुर्त सुबह 6 बजे से शुरू हेा गया था। घट स्थापना विधिविधान के साथ ही शुभ मूहुर्त की गई। इसी के साथ ही जवारे बोए गए। घट स्थापना,देवी मूर्ति स्थापना और जवारे वाले स्थानों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो गए है। देवी स्थापना स्थल और घट स्थापना व जवारे वाले स्थानों पर नौ दिन तक अखंड दीप प्रज्जवलित किया गया है।
जल चढ़ाने वालों का तांता
शहर के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही देवी भक्तों के द्वारा नर्मदा जी में स्नान के बाद जल पात्र में जल लेकर देवी मंदिर में विराजमान प्रतिमाओं पर जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया है। जल चढ़ाने वालों में सबसे ज्यादा महिलाएं और बालिकाएं शामिल हैं। शहर के खेड़ापति मंदिर, दुर्गा मंदिर, सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।






