शताधिक स्थानों पर सजे नवरात्र महोत्सव के पंडाल

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गाजे बाजे के साथ कल विराजेंगी देवी देवताओं की प्रतिमाएं

नर्मदापुरम। इटारसी। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ कल से शुरू हो रहा है। शहर के शताधिक स्थानों पर बार बार हो रही बारिश के बावजूद प्रतिमा स्थापना के लिए पंडालों काे सजाने का क्रम एक सप्ताह से जारी है। इन पंडालों में भगवती दुर्गा, माता महाकाली, भगवान भोलेनाथ, सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। लगातार बारिश के चलते आयोजन समिति के द्वारा पंडालों में बारिश से बचाव के प्रबंध किए जा रहे हैं। गणेश स्थापना के समय से शुरू हुई लगातार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। रूक रूक कर हर दिन हो रही बारिश को ध्यान में रखते हुए समिति सदस्यों के द्वारा प्रतिमा स्थलों पर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

40 स्थानों पर बड़ी प्रतिमाएं

शहर के 40 स्थानों पर बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। जिनमें चौरे गली में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में देवी जी के अनेक रूप वाली प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। वहीं शहर के न्यू जय स्तंभ पर छिन्न मस्तिका उस्तव समिति के द्वारा हर बार नया स्वरूप देते हुए स्थापना की जाती है। इस बार भी भव्य पंडाल तैयार किया गया है। वहीं सब्जी मंडी समिति के द्वारा,तार आहता समिति के द्वारा माता महाकाली की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। इसी के साथ हाउिंसग बोर्ड, रसूलिया, एसपीएम सहित अन्य स्थानों पर भी देवी प्रतिामाओं की स्थापना की जाएगी। जिसकी तैयारी की जा रही है।

हो जाएगा देवीमय माहौल

नवरात्र के मौके पर नर्मदा नगरी में अन्य त्यौहार की तरह इस पर्व को भी धूमधाम से मनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब सोमवार से पूरे 10 दिनों तक देवीमय माहौल बना रहेगा। हर गली मोहल्ले में देवी देवताओं की प्रतिमाओं के दर्शन और देवी के भजनों की प्रस्तुति शुरू हो जाएगी।

अन्य देवी देवताओं की स्थापना

देवी प्रतिमाओं के अलावा शहर में अन्य अनेक देवी देवताओं की प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। जिनमें करीब एक दर्जन स्थानों पर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। माता महाकाली और भगवान श्रीकृष्ण सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिाएं स्थापित होती हैं।

घट की होगी स्थापना शुभ मुहुर्त में

आचार्य पं अजय दुबे व पं अभिलाष शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्र के घट स्थापना शुभ मुहुर्त में की जाना चाहिए। उन्होने बताया कि घट स्थापना की विधि एवं शुभ मूहुर्त का समय सुबह स्नान कर साफ.सुथरे वस्त्र पहनें। पूजा का संकल्प लें। मिट्टी की वेदी पर जौ या गहूं के जवारे बोएं कलश की स्थापना करें, गंगा जल रखें। इस पर कुल देवी की प्रतिमा या फिर लाल कपड़े में लिपटे नारियल को रखें और पूजन करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि कलश की जगह पर नौ दिन तक अखंड दीप जलता रहे।

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