डोल ग्यारस पर भजन स्पर्धा का आयोजन

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सीहोर। बुधवार को शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धा आश्रम में ढोल ग्यारस के उपलक्ष्य में भव्य महा आरती, 56 भोग प्रसादी और भजन स्पर्धा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में श्रद्धा भक्ति सेवा समिति के संरक्षक राहुल सिंह, संस्कार मंच के संयोजक जितेन्द्र तिवारी, धर्मेन्द्र माहेश्वरी आदि मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत महा आरती से हुई, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्हें 56 भोग प्रसादी का वितरण किया गया।
भजन स्पर्धा में केन्द्र की ओर से पंडित सुनील पाराशर, सुशील त्रिवेदी, शिवराज वर्मा आदि शामिल थे। जिन्होंने भगवान खाटू श्याम सहित अन्य के भजनों का गायन किया। भजन स्पर्धा के दौरान भक्ति और श्रद्धा का माहौल छाया रहा और सभी उपस्थित लोगों ने भजन गाकर भगवान गणेश की पूजा की।
संस्कार मंच के मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि इस तिथि पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप बाल-गोपाल को एक डोल में विराजित कर शोभा यात्रा निकाली जाती है। इसलिए इसे डोल ग्यारस कहा जाता है। कृष्ण जन्म के अठारहवें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को डोल ग्यारस के रूप में मनाया जाता है। जलवा पूजन के बाद ही संस्कारों की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को डोल में बिठाकर तरह-तरह की झांकी के साथ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ जुलूस निकाले जाते हैं। इस दिन भगवान राधा-कृष्ण के नयनाभिराम विद्युत सज्जित डोल निकाले जाते हैं। डोल ग्यारस पर मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु करवट बदलते हैं। इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। पंडित विनोद गौतम ने बताया कि इस तिथि पर भगवान विष्णु और उनके आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के पूजन का विधान है।

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