डाक्टरों की कमी से परेशान हो रहे मरीज
नर्मदापुरम। डोलरिया। जिला संभाग व तहसील स्तर के सरकारी अस्पताल में उल्टी दस्त एवं बायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढती जा रही है। कभी बारिश कभी तेज धूप के साथ ही मौसम खुलने से बढ़ रही उमस भरी गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बडी संख्या में मरीज इलाज कराने सरकारी अस्पताल आ रहे है। लेकिन सरकारी अस्पताल में कम ही डाक्टर होने से सैंकडों मरीज निजी अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर हो रहे है। सरकारी अस्पताल डॉक्टरों कमी से जूझ रहे है। जिला अस्पताल से कुछ डॉक्टरों को भेजा जाता है डोलरिया के शासकीय सिविल अस्पताल में व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है। अस्पताल से मरीजों को इलाज मिलता तो डाक्टरों और उपकरणों की आवश्यकता ही नहीं थी। शासकीय चिकित्सालय में जरूरी उपचार सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। आवश्यक दवाईयों का आभाव है। चंद डाक्टरों के सहारे नगर और आसपास के दर्जनों गांव के ग्रामीण निर्भर हैं। अस्पताल में कम ही डाक्टर हैं। हजारों मरीज चिकित्सा के आभाव में निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। यहां पर कम ही डाक्टर व्यवस्था संभाल रहे हैं। बार बार जिला चिकित्सा अधिकारियों से डाक्टरों की संख्या बढानें को लिख चुके लेकिन स्टाॅफ नहीं मिलने से उपलब्ध डाक्टरों से काम चलाया जा रहा है। डाक्टरों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी से अस्पताल प्रबंधन जूझ रहे है। बच्चों व स्त्री रोग विशेषज्ञों एवं हडडी रोग विशेषज्ञ की बहुत आवश्यक्ता है।






