नर्मदापुरम। संभाग मुख्यालय के खेल मैदानों की हालत खराब हो चुकी हैं। आउटडोर मैदानों पर तो वर्षा के कारण स्थिति खराब है लेकिन इंडोर गेम की भी अच्छी स्थिति नहीं है। जिले में होने को तो हाई और हायर सेकेणडरी स्कूल 150 हैं। लेकिन इन स्कूलों में भी खेल शिक्षक सिर्फ 31 ही हैं। ऐसी स्थिति में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़़ने के लिए प्रशिक्षण की कमी बनी रहती है। जिससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को निराश होना पड़ता है। यहां तक कि उत्कृष्ट विद्यालय में भी वर्षों से कोई नियमित खेल शिक्षक नहीं हैं। यहां भी अतिथि खेल शिक्षक से काम चलाना पड़ता है।
ऊबड़ खाबड़ खेल मैदान में से प्रतिभाएं कैसे निकल पाएंगी। यदि कोई अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए अभ्यास भी करना चाहे तो कहां जाएं। सभी खेल मैदान खस्ताहाल हो चुके हैं। पिछले माह में हुई लगातार बारिश से खेल मैदानों की हालत खराब हो चुकी है। आने वाले समय में शिक्षा विभाग व खेल एवं युवक कल्याण विभाग भी खेलों का आयोजन कराएगा। लेकिन संभाग मुख्यालय के खेल मैदान की हालत जर्जर है। खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन स्तर पर पूर्व में यह निर्णय लिए गए हैं कि खेल मैदानों में खेल के अतिरिक्त अन्य गतिविधियां नहीं होंगी। निर्णय लेने के बाद भी इस पर गौर नहीं किया गया। मैदान पर दलदल फैलने के अलावा जगह -जगह गड्डे भी हो गए हैं। जिन्हें सुधारने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विभाग के पास फंड नहीं है। ऐसा लग रहा है कि मैदानों को सुधारने के लिए दानदाताओं का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के मैदान ज्यादा खराब
शासन स्तर पर मनरेगा के तहत खेल मैदानों की स्वीकृति हुई थी मनरेगा ने राशि भी अांवटित की थी लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण खेल मैदान तैयार नहीं हो सके। जो स्कूलों या ग्रामीण क्षेत्र में पहले से ही खेल मैदान थे उन्हें ही खानापूर्ति करते हुए सुधार दिया गया है।
मैदान खराब कैसे हो अभ्यास
मुख्यालय के सभी खेल मैदानों की हालत बदतर बनी हुई है। इन बदहाल खेल मैदानों में अभ्यास करने में भी बच्चों को बाधा होती है। जब खेल मैदान ही सही नहीं हैं तो फिर अभ्यास कहां और कैसे होगा। बारिश से मैदानों में जगह -जगह ग़ड्डे बने हुए हैं। ऊबड़ खाबड़ स्थिति बनी हुई है। इस कारण बच्चों का भी इन खेल मैदान में अभ्यास करने में मन नहीं लगता है।
सुधार के लिए नहीं आता फंड
शिक्षा विभााग से मिली जानकारी के अनुसार खेल मैदानों को सुधारने के लिए शासन से किसी तरह का कोई फंड नहीं आता है। इस कारण भी विभाग मजबूर रहते हैं। जनभागीदारी, नपा, सांसद और विधायक निधि से ही खेल मैदानों को सुधारा जाता है। अब खेलों के आयोजन शुरू होने वाले हैं। लेकिन खेल मैदान ही खराब हैं। तब कहां खेल के आयोजन हों।
ये है मुख्यालय के खेल मैदानों की स्थिति
एसएनजी स्टेडियम में दलदल
शहर के बीचों बीच स्थित सबसे प्रमुख खेल मैदान एसएनजी स्टेडियम में राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन हो चुके हैं। यहां पर अब गड्ढे होने के साथ ही घास फूस ऊग आई है। जिसमें घास खाने के लिए गधे घोड़े और मवेशी आ रहे हैं। जिसमें बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा के अभ्यास के लिए मुश्किल हो रही है।
उत्कृष्ट स्कूल का मैदान
उत्कृष्ट स्कूल के बाजू में बड़ा मैदान है। इस मैदान में भी पूर्व कई छोटी बड़ी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी हैं। अब जिस प्रकार स्कूल काफी पुराना होकर जर्जर हो गया है। उसी प्रकार यहां के खेल मैदान की हालत भी दिनों दिन खराब होती गई है। अब हालत यह है कि इस खेल मैदान प्रतियोगिता तो दूर की बात यहां पर बच्चों को अभ्यास करना भी मुश्किल हो रहा है। क्योंकि यहां पर जगह जगह निर्माण कार्य हो रहे हैं। जिसका मटेरियल पड़ा हुआ है।






