भोपाल (आरएनएस)। प्रदेश में जनसुरक्षा के लिये अब डायल 112 को एकल एजेंसी आधारित सेवा बनाया गया है। जनसुरक्षा के सतत् विकास, बढ़ती नागरिक अपेक्षाएं, शहरी जटिलता और विभिन्न आपातकालीन एजेंसियों के साथ समन्वित संचालन की आवश्यकता के चलते एकल एजेंसी निर्धारित की गई है। अब डायल 112 सेवा के साथ विभिन्न सुरक्षा संबंधी नागरिक सेवाओं को समेकित किया गया है।भारत सरकार की आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली की परिकल्पना के अनुरूप, देश में इमरजेंसी नंबर-112 योजनांतर्गत प्रदेश की पुलिस आपातकालीन सेवा (112), स्वास्थ्य/ एम्बु्लेंस सेवा (108), अग्निशमन सेवा (101), महिला हेल्पलाइन (1090), नेशनल सायबर क्राईम हेल्पलाईन (1930), रेल मदद हेल्पलाईन (139), मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन – एक्सिडेंट रिस्पांस सर्विस (हाईवे टोल नाका 1099), राज्य प्राकृतिक आपदा प्रबंधन (एस.डी.एम.ए.-1079), राज्य परिवहन विभाग पेनिक बटन एवं गुप्तवार्ता विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय महिला एवं चाईल्ड- हेल्प लाईन (181,1098) आदि सेवाओं को एक ही नम्बर 112 के साथ इंटीग्रेट किया गया है। डायल 112 सेवा से प्रदेश में अपराधों में कमी आई है, तथा दिन में सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की उपस्थिति से जनता में सुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। इसमें हर नागरिक के लिए तेज़, समन्वित और जवाबदेह आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित हुई। यह प्रणाली आज भी अपने मूल तकनीकी ढांचे और स्नक्रङ्कह्य के साथ समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाने में सक्षम बनी हुई है।








