केंद्रीय जेल नर्मदापुरम में 98 प्रतिशत बंदियों को दिया गया प्रशिक्षण
नर्मदापुरम/ कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में आज केंद्रीय जेल नर्मदापुरम में रिहा एवं निकट भविष्य में रिहाई के पात्र बंदियों को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने हेतु आयोजित समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में रिहा बंदियों के ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों की त्वरित स्वीकृति सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित विभाग प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने जेल विभाग को अधिक से अधिक रिहा बंदियों से संपर्क कर स्वरोजगार हेतु ऋण प्रकरणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जो प्रकरण दस्तावेज की कमी के कारण बैंक स्तर पर लंबित हैं उनमें खाना पूर्ति कर शीघ्र ही बैंक स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के कोर्सेज की और अधिक ट्रेनिंग दिलवाई जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक विभिन्न शासकीय विभागों एवं संस्थाओं के माध्यम से 2,311 बंदियों/रिहा बंदियों को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने हेतु प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगस्त 2025 में 400 बंदियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है, जिसमें कृषि विभाग द्वारा 100 बंदियों को प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी विभाग द्वारा टमाटर सॉस, जैम, श्रीखंड, लस्सी, अचार, नमकीन निर्माण, वन स्टॉप सेंटर नर्मदापुरम द्वारा 60 महिला बंदियों को मेहंदी डिज़ाइन, तथा आईटीआई नर्मदापुरम द्वारा इलेक्ट्रिकल वायरिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्तमान में केंद्रीय जेल नर्मदापुरम के कुल बंदियों में से 98.99 प्रतिशत को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि रिहा बंदियों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), राष्ट्रीय पशुधन मिशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी शासन की विभिन्न योजनाओं में पंजीकृत कर ऋण प्रकरण तैयार किए जाएं।
बैठक में केंद्रीय जेल नर्मदापुरम में महिला बंदियों द्वारा संचालित प्रदेश के प्रथम महिला स्व-सहायता समूह के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बैठक में सहायक जेल अधीक्षक श्री हितेश बंडिया, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री विवेक नागवंशी सहित विभिन्न स्वरोजगार योजना से संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






