-बदइंतजामी-अव्यवस्था के कारण गई भक्तों की जान
-3 दिन में 7 मौतों के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं
-सडक़ों के किनारे सोते रहें श्रद्धालु
सीहोर। कावड़ यात्रा को लेकर सीहोर जिला पूरे प्रदेश में सूर्खियों में रहा। पंडित प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में भव्य कांवड यात्रा निकाली गई, जिसमें लाखों श्रद्धालू शामिल हुए। हालांकि धार्मिक आयोजन के दौरान बदइंतजामी भरपूर देखी गई जिसके नतीजन महज कुछ ही दिनों में 07 श्रद्धालुओं को अपनी जान गंवानी पडी कांवड यात्रा तो निकल गई लेकिन यात्रा के बाद भी श्रद्धालुओं को बदइंतजामी का सामना करना पडा। बता दें 6 अगस्त को निकाली गई कांवड यात्रा के लिए पं. प्रदीप मिश्रा ने देश भर में आयोजित कथाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आने का आमंत्रण दिया था। परन्तु वहां आये श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे समिति द्वारा की गई व्यवस्था धरी की धरी रह गई। इसी तरह विगत कई बार भगदड मच चुकी है जिसमें पहले भी कई श्रद्धालु अपनी जान गवां चुके है इसके बाद भी समिति ने कोई सबक नहीं लिया। समिति को ना ही श्रद्धालुओं के आने की सही जानकारी रहती है और ना ही भीड़ को किस तरह व्यवस्थित करना है उसकी कोई गाइड लाईन बनाई जाती है, केवल और केवल खानापूर्ति करके आयोजन पर आयोजन किये जाते रहें है। कांवड यात्रा में पहुंचे लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के लिये ना तो खाने की पर्याप्त व्यवस्था रहीं और ना ही ठहरने की, लोग आधी रात इधर से उधर सडक़ों पर भटकते रहें, जिन श्रद्धालुओं को मंदिर प्रांगण पर स्थान मिल गया उन्हें तो भोजन की व्यवस्था मिल पाई परन्तु लाखों की भीड़ में जो श्रद्धालु मंदिर प्रांगण से दूर रह गये वह भूखे प्यासे सडक़ों पर लेटे नजर आये। हैरत की बात है कि कुबरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से प्रशासन और मंदिर समिति दोनों के हाथ खडे है। श्रद्धालुओं की मौत पर पं. प्रदीप मिश्रा ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। कहा जिनके प्राण गए वे मेरे परिवार के सदस्य है। कुबरेश्वर धाम सभी बहनों का मायका है। हम बार बार कहते है कि जिनकी तबीयत ठीक नहीं, वे यहां न आए। स्वास्थ्य कारणों से किसी की जान गई है, तो मैं और विट्ठलेश सेवा समिति उस परिवार के साथ है। इधर 3 दिन में 7 मौतों के बाद भी प्रशासन चुप है।
जिन श्रद्धालुओं की गई जान
कुव्यवस्थाएं व लचर प्रशासनिक तंत्र में फंसकर मंगलवार और बुधवार को भगदड तेज गर्मी के चलते पांच लोगों की जान गई तो वहीं गुरूवार को दो और श्रद्धालुओं की जान चली गई। 22 वर्षीय श्रद्धालु उपेंद्र गुप्ता पिता श्री प्रेमचंद गुप्ता का अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया युवक की मृत्यु हृदय गति रुकने के कारण हुई थी. मृतक ग्राम भोगलपुर, बड़ा टोला, तहसील पिपराइच, जिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। तो वहीं 40 वर्षीय श्रद्धालु श्री अनिल, पिता श्री महावीर का अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित किया और मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया गया. साथ ही युवक अस्थमा का मरीज था. मृतक ग्राम खेड़ा कला दिल्ली का रहने वाला था। वहीं बुधवार को सीहोर में कांवड़ यात्रा में शामिल हुए तीन श्रद्धालुओं का अलग-अलग समय में अलग-अलग स्थानों पर अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें तत्काल एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया था. जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों ने तीनों व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों में गुजरात के पंचावल निवासी 50 वर्षीय श्री चतुरभाई पिता भूराभाई, हरियाणा के रोहतक निवासी 65 वर्षीय श्री ईश्वर सिंह यादव पिता मवासीराम तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी 57 वर्षीय श्री दिलीप सिहारी पिता शत्रुघ्न सिहारी का नाम शामिल था. इससे पहले मंगलवार को दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. धाम में तबियत बिगडऩे पर अस्पताल लाया गया था, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. श्रद्धालुओं की मौत के मामले में मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि सभी श्रद्धालुओं की मौत का कारण अलग अलग है।








