विद्यालयों में फर्नीचर की कमी दूर करने की जा रही है सार्थक पहल
सिल्वर मिस्ट रिटेल प्राइवेट लिमिटेड रेत कंपनी और समाजसेवियों के संयुक्त प्रयास से विद्यार्थियों को मिल रही सौगात
नर्मदापुरम। इटारसी। सूदूर ग्रामीण प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में फर्नीचर की कमी को दूर करने के उद्देश्य से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इटारसी टी प्रतीक राव आईएएस, तहसीलदार इटारसी शक्ति तोमर और विकासखंड शिक्षा अधिकारी केसला श्रीमती आशा मौर्य के संयुक्त प्रयासों से 20 शालाओं के लिए कुल 405 बेंच वितरित किए गए। यह वितरण कार्यक्रम ऋषि इंटरप्राइजेस खेड़ा इटारसी में आयोजित हुआ जिसमें सभी समाजसेवियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
इस पहल को साकार करने में इटारसी के कई समाजसेवियों और संस्थानों ने विशेष योगदान दिया। जिनमें से सिल्वर मिस्ट रिटेल प्राइवेट लिमिटेड रेत कंपनी की ओर से 50 बेंच ओर डेस्क का महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्वद्ध इटारसी टी प्रतीक राव आईएएस ने अपने उद्बोधन में इस पहल के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थी फर्नीचर के अभाव में भूमि पर बैठकर अध्ययन कर रहे थे। जिससे उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस परिस्थिति में सुधार लाने का विचार तभी मन में आया और समाज के समाजसेवियों के सहयोग से यह संकल्प आज पूरा हो सका है । इस प्रयास से विद्यार्थियों को न केवल बैठने हेतु बेंच उपलब्ध होगी बल्कि उनमें शिक्षा के प्रति रुचि और आत्मसम्मान की भावना में भी वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा करते हुए सिल्वर मिस्ट रिटेल प्राइवेट लिमिटेड रेत कंपनी के प्रतिनिधि साकिब एहमद ने कहा एसडीएमजी के मार्गदर्शन में हमारी कंपनी ने सी एस आर फंड के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए बेंच एवं डेस्क की व्यवस्था की है हमारी संस्था द्वारा समय समय पर विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित की जाती रही है और भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयास जारी रहेंगे।
इस आयोजन से यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब प्रशासनिक नेतृत्व और समाज का सहयोग एक साथ आता है तो परिवर्तन केवल संभव ही नहीं बल्कि स्थाई भी बनता है। विद्यालयों में बेचों की स्थापना केवल बैठने की सुविधा नहीं बल्कि बच्चों के बेहतर सीखने के वातावरण आत्मसम्मान और शिक्षा के प्रति नए बदलाव का प्रतीक है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में अधिक से अधिक विद्यालयों को बेंच प्रदान की जाएगी।






