बीपी, सुगर सहित अन्य जांचे हुई
नर्मदापुरम/ जनसमुदाय को उनके निवास के निकट स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने के उदेश्य से आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (शहरी एवं ग्रामीण), एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है। सीएमएचओ डॉ नरसिंह गेहलोत ने बताया कि जिनके माध्यम से हितग्राहियों को समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराई जा रही है।14 जुलाई सोमवार को जिले के इन आयुष्मान अरोग्य मंदिरों पर आयुष्मान आरोग्य शिविरो का आयोजन हुआ है। इन शिविरो के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इन शिविरो में विभिन्न रोगो की जांच, उपचार एवं आश्यकता पड़ने पर अन्य संस्थाओ में रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इनमें ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओ की जांच, शिशुओं, किशोरियों, वृद्धजनों की जांच, जिनमें दस्त रोग, निमोनिया, नेत्र विकार, मुख/दंत विकारो की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, नाक कान गले के विकारो की जांच, क्षय रोग की जांच तथा अन्य पैथोलॉजिकल जांचे, उपचार तथा आवश्यकतानुसार रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इन शिविरों में परिवार कल्याण, से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि नर्मदापुरम जिले में अब तक लगभग 161 आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किये जा चुके है, जिनमें 143 उपस्वास्थ्य केन्द्र,14 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, तथा 4 शहरी स्वास्थ्य संस्थाये शामिल है। पूर्व में जहां नागरिकों को ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर जैसी जांचो के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था। वही अब यह सुविधाएं नागरिको के 5 से 30 मिनट की दूरी पर उपलब्ध है।आज जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य शिविरों में लगभग 2900 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ।







