आधिकारी आवंटित शालाओं, स्‍वास्‍थ केन्‍द्रों, आंगनवाडियों आदि शासकीय संस्‍थानों का नियमित निरीक्षण करें : कलेक्‍टर सोनिया मीना

Join Us

निराश्रित पशुओं को मार्गो से हटााकर शासकीय गौशालाओं एवं अस्‍थाई आश्रय स्‍थलों पर स्‍थानांतरित करें

डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम तथा बचाव के संबंध में व्‍यापक जागरुकता अभियान चलाऐं, ग्रमीण क्षेत्रों में बढ़ाई जाए सैंपलिंग एवं लार्वा सर्वे

खराब प्रदर्शन करनें वाले अधिकारियों के विरुद्ध की जाएगी कार्यवाही

समय सीमा की बैठक में कलेक्‍टर ने दिये निर्देश,

नर्मदापुरम/ सोमवार को कलेक्‍टर सोनिया मीना की अध्‍यक्षता में समय सीमा की बैठक का अयोजन कलेक्‍ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। बैठक के दौरान कलेक्‍टर ने अधिकारियों द्वारा किये जा रहे निरीक्षण, सीएम हैल्‍पलाइन, समयसीमा प्रकरण, निराश्रित पशुओं को स्‍थानांतरित करने जैसे अन्‍य बिंदुओ पर विस्‍तार से समीक्षा की एवं अधिकरियों को दिशा निर्देश दिये। समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों द्वारा किए जा रहे शालाओं एवं आंगनबाड़ियों तथा स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण की समीक्षा के दौरान कहा कि आगामी 1 सप्ताह में निरीक्षण के दौरान प्राप्त प्रतिक्रियाओं एवं इनपुट को संकलित कर रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने परख मोबाइल ऐप पर भ्रमण एवं निरीक्षण की जानकारी अद्यतन किए जाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी अधिकारी अभियान मोड में कार्य करें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष किए गए निरीक्षणों का सकारात्मक परिणाम बोर्ड परीक्षाओं में भी देखने को मिला था। ऐसे में इस वर्ष भी सभी अधिकारी पूरी गंभीरता, उत्साह एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरीक्षण कार्य संपादित करें और व्यवस्थाओं को सुधारने में अपना योगदान दें। समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन विभागों का निराकरण प्रतिशत कम है, संबंधित अधिकारी विशेष प्रयास कर ग्रेडिंग एवं रैंक में सुधार किया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग कैंपेन मोड में कार्य करें और आवश्यकता होने पर शिकायतकर्ता से स्वयं संपर्क कर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों का प्रदर्शन लगातार खराब रहेगा उनके विरुद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव तैयार किया जाए। कलेक्टर ने तहसील नर्मदापुरम, सिवनीमालवा, केसला, श्रम विभाग सहित सभी बी, सी अथवा डी कैटेगरी में आने वाले विभागों को निराकरण प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की रैंकिंग को बनाए रखने के लिए हर विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक रहना चाहिए, किसी एक विभाग के खराब प्रदर्शन से पूरे जिले की रैंकिंग पर विपरीत असर न पड़े। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि फोर्स क्लोज अथवा मांग में परिवर्तित करने योग्य शिकायतों का परीक्षण गंभीरता से किया जाए और केवल पूर्ण परीक्षण उपरांत ही उन्हें उक्त श्रेणियों में डाला जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अवमानना के प्रकरणों में बिना विधिक परीक्षण के कोई जवाब प्रस्तुत न किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जवाब दायर करने से पूर्व शासकीय अधिवक्ता से विधिक परीक्षण अवश्य कराएं, ताकि न्यायालयीन प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की अवमानना के प्रकरणों में समय सीमा का ध्यान रखते हुए उनमें जवाब दर्ज करवाया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने जिले में निराश्रित पशुओं को मुख्य मार्गों और सड़कों से हटाकर शासकीय गौशालाओं एवं अस्थाई आश्रय स्थलों में भेजने की कार्यवाही की तहसीलवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान में की जा रही कार्यवाहियां संतोषजनक नहीं हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, जिससे आमजन के साथ-साथ पशु हानि होती है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्य मार्गों के समीप स्थित ग्राम पंचायतों द्वारा अस्थाई चौकीदार की व्यवस्था की जाए ताकि निराश्रित पशुओं को सड़कों पर विचरण करने से रोका जा सके और समीपस्थ गौशालाओं एवं अस्थाई आश्रय स्थलों में भेजा जा सके। साथ ही पशुओं के भूसे, चारे एवं पानी की व्‍यवस्‍था की जाए। पशुपालन विभाग भी पशुओं में होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं के त्वरित उपचार की समुचित व्यवस्था हो तथा मृत पशुओं को तत्काल सड़क से हटाकर नियत स्थान पर दफनाया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्देशों का पालन समयबद्ध रूप से नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाए। कलेक्टर ने जिले में डेंगू एवं मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों के फैलाव को रोकने के लिए घर-घर जाकर लार्वा सर्वे किए जाने तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं, जनभागीदारी आदि संस्थाओं के माध्यम से भी ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा जिले के अन्य दूर दराज के वन परिक्षेत्र में स्थित ग्रामों में मच्छरदानी आदि भी वितरित करवाई जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि आगामी एक सप्ताह में प्रत्येक पंचायत में डेंगू एवं मलेरिया के रोकथाम तथा बचाव संबंधी फ्लेक्स लगवाया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने जिले में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर पीडब्ल्यूडी एवं अन्य निर्माण विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर सड़कों के गड्ढे तत्काल प्रभाव से भरे जाएं तथा अन्य सुधारात्मक कार्यवाही सतत रूप से जारी रखी जाए। कलेक्टर ने कहा कि बारिश के मौसम में सड़कों पर जल भराव की स्थिति नहीं बने इसके लिए निर्माण एजेंसियां स्थानीय निकाय परिषदों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने सेतु विभाग को भी निर्देशित किया कि विभाग द्वारा निर्मित एवं निर्माणाधीन पुल-पुलियाओं तथा अन्य संरचनाओं की नियमित रूप से निरीक्षण एवं मरम्मत की जाए। कलेक्टर ने जिले में खाद वितरण एवं मूंग उपार्जन की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि खाद वितरण के लिए समस्त उपखंड स्तरीय समिति सदस्य संपूर्ण निगरानी रखें। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि खाद्य वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए साथ ही साथ एसडीएम यह भी सुनिश्चित करें कि उपार्जन केन्द्रों पर उपार्जित स्कंध कि शीघ्र सिलाई एवं स्टैकिंग की जाए तथा आर टू टी में किसी भी प्रकार का विलंब ना हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की किसी भी केंद्र पर किसी भी प्रकार की अनियमिता पाए जाने पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने ई ऑफिस के क्रियान्वन की समीक्षा करते हुए समस्त अनुविभाग तथा तहसील स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीएम एवं तहसील कार्यालय से किसी भी प्रकार की फाइलों का संचालन ऑफलाइन मोड में ना हो। जिला कार्यालय में ओआईसी सुनिश्चित करें कि किसी भी कार्यालय से ऑफलाइन फाइल न प्राप्त की जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर ई गवर्नेंस या एनआईसी से संपर्क किया जाए। कलेक्टर ने समग्र ई केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा की सीईओ जिला पंचायत नर्मदापुरम, जनपद पंचायत द्वारा की जा रही ई केवाईसी की मॉनिटरिंग करें। उन्होंने सीईओ जनपद पंचायत केसला एवं बनखेड़ी को निर्देश दिए की कार्य में प्रगति लाई जाए, तथा पीओ डूडा भी नगरीय निकायों में समग्र आईडी ई केवाईसी की प्रगति सुनिश्चित करें एंव नियेमित रूप से निकायों की मॉनिटरिंग करें। कलेक्टर ने समस्त जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि मिशन कर्मयोगी के तहत समस्त कर्मचारियों का पंजीयन करवाया जाए तथा पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन कार्यशालाओ में भाग ले।

बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री सौजान सिंह रावत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती संपदा सराफ, सिटी मजिस्ट्रेट श्री बृजेंद्र रावत, डिप्टी कलेक्टर डॉ बबीता राठौर, सहित समस्त जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

Previous articleसभी कलेक्टर्स सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या का समुचित निदान करें – कमिश्‍नर कृष्ण गोपाल तिवारी
Next article161 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित