भगवान भोलेनाथ की आज से होगी विशेष भक्ति महिने भर होंगे महारूद्राभिषेक

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मंदिरों में होगे भजन कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान

नर्मदापुरम। शहर में श्रावण माह में अनेक स्थानों पर पूरे महिने भर विशेष आयोजन होंते हैं। पूरे श्रावण भर भगवान भोलेनाथ की विशेष भक्ति के तहत अनेक स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान का सिलसिला शुरू हो गए हैं। श्रावण माह रूद्राभिषेक होंगे। जिसमें शिवार्चन समिति के द्वारा आचार्य पं सोमेश परसाई, नर्मदा तट पर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में पं गोपाल प्रसाद खड्डर के आचार्चत्व शाम के समय पंडितों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महारूद्राभिषेक के आयोजन बीते अनेक वर्षाें की तरह आयोजित होंगे। दोनों स्थानाें पर आदिदेव महादेव की पंचोपचार से पूजन अर्चन के बाद महारूद्राभिषेक करने के बाद विशेष श्रृंगार किया जाएगा।

सम्पूर्ण श्रावण मास रुद्राभिषेक

शिवार्चन समिति के तत्वाधान एवं आचार्य पंडित सोमेश परसाई के सान्निध्य में विगत अनेक वर्षों से श्रावण मास में जनकल्याण के लिए आयोजित महारुद्राभिषेक के आयोजन होगें। जिसमें भगवान शिव के नित्य पार्थिवेश्वर स्वरूप की अनुष्ठानात्मक पूजा व अभिषेक पूरे महीने भर चलेगा। नित्य भगवान शिव के अद्भुद विग्रह का मृतिका से निर्माण होगा। भगवान का नित्य दूध, दही, शहद, शक्कर सहित फलों के रस व दिव्य औषधियों से अभिषेक होगा ।जिसमें भारी संख्या में जनसमूह प्रातः 6 बजे से ओम नमः शिवाय व हर हर महादेव के जयघोष करते हुए सम्मिलित होंगे। पंडित पंकज पाठक ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को भगवान की दिव्य भस्म आरती व महाआरती होगी नाना प्रकार के फूलों से भगवान का मनोहारी श्रृंगार होगा।

हाऊसिंग बोर्ड में होंगे महारूद्राभिषेक

हाऊसिंग बोर्ड में सेवाश्रम नर्मदा मंदिरम में पं गिरिमोहन गुरू के द्वारा बीते 31 वर्षाें की तरह इस वर्ष भी संपूर्ण श्रावण माह महारूद्राभिषेक के आयोजन किए जांएगे। उन्होने बताया कि श्रावण है। पं गुरू के द्वारा पिछले 15 वर्षों तक नर्मदा सेवाश्रम से पंचाक्षरी मंत्र ऊं नम: शिवाय लेखन माला के पत्रक के माध्यम से महामंत्र लेखन भी कराया गया है।भी जारी की जाती है। पंचाक्षरी लेखन माला के प्रपत्र सेवाश्रम से निश्शुल्क वितरित किए जाते रहे हैं।

काले महादेव में हेांगे विशेष श्रृंगार

श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को नर्मदा तट के गोल घाट पर स्थित प्राचीन काले महादेव मंदिर में उज्जैन के महाकालेश्वर की तर्ज पर भगवान कालेमहादेव का विशेष श्रंगार किया जाएगा। मंदिर में पुष्पों, पत्रों, मेवाओं सहित वर्फ और अन्य सामग्री से भगवान भोलेनाथ का श्रंगार किया जाएगा। उसके बाद भस्म आरती की जाएगी। यहां हर सोमवार को शिव भक्तों का तांता लगा रहता है।

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