भक्ति भाव व धूमधाम के साथ 25 दिन बाद महाप्रभु विराजे सिंहासन पर

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साधु,संतों ने लगाए जयकार के जयघोष, जगदीश मंदिर में मना उत्सव

नर्मदापुरम। 10 दिन की रथयात्रा के समापन के साथ ही भगवान महाप्रभु जगन्नाथ अपने बहन भाई के साथ देवशयनी एकादशी पर सिंहासन पर विराजमान हुए। मंदिर में मौजूद साधु संतों ने जय-जयकार के जय घोष किए। मंदिर के महंत नारायण दास ने बताया कि शहर की चारों दिशाओं में 10 दिनों से श्रद्धालुओं को दर्शन देने के बाद भगवान रविवार को शाम के समय पूजन आरती व विधिविधान के साथ सिंहासनारूढ़ कराया गया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जगदीश मंदिर में शामिल हुए। एक उत्सवी महौल में भगवान जगन्नाथ व देवी सुभद्राजी व बलरामजी को अपने मूल सिंहासन पर विराजमान कराया गया। भगवान की महाआरती की गई। मंदिर में विशाल भंडारा हुआ। अब सोमवार से साधु संतों का विदाई समारोह होगा। उन्हें दान दक्षिणा देकर अपने-अपने गंतव्य की ओर विदाई दी जाएगी। रथयात्रा में शामिल होने के लिए अनेक स्थानाें से साधु,संत मंहत, रामसखि और श्रद्धालु आए हुए। जिनकी सोमवार से विदाई शुरू हो रही है। कुछ साधु संत एकादशी से ही रवाना हो गए। उन्हें विदाई दी गई। इसी के साथ जगदीश मंदिर का रथयात्रा महोत्सव का समापन हुआ। रथयात्रा महोत्सव शहर का प्रमुख धार्मिक पर्व के रूप में मनाया जाता है।

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