कक्षा 9वी से 12वीं तक संस्कृत भाषा की अनिवार्यता तथा त्रिभाषा सूत्र के संरक्षण के लिए  दिया गया ज्ञापन

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संस्कृतभारती सीहोर, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ तथा प्रांतीय शिक्षक संघ व संस्कृत शिक्षकों ने संयुक्त रूप से  दिया ज्ञापन
व्यावसायिक शिक्षा के भाषाओं के विकल्प में जोडऩे से अब शिक्षकों में भी  शनै: शनै: वैमनस्य बढऩे लगा है

सीहोर। संस्कृत भाषा की अनिवार्यता को  लेकर संस्कृत भारती मध्यभारत  सीहोर समिति द्वारा मुख्यमंत्री के  नाम ज्ञापन  संयुक्त कलेक्टर आनंद सिंह  राजावत को  दिया जिसमें  संस्कृत  शिक्षक  व प्रांतीय शिक्षक संघ,  मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के पदाधिकारीयों  ने ज्ञापन के  माध्यम से वास्तविकता व्यक्त
कर समाधान का आग्रह किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा के विकल्प में चयन का प्रावधान होने से लगातार  त्रिभाषा सूत्र का हनन हो रहा है  और जिसका संस्कृत भाषा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है
संस्कृत भाषा पढऩे वाले छात्रों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। वही 11वीं में पांच विषय होने के कारण और और फाउंडेशन कोर्स में भी ट्रेड विषयों के होने तथा संस्कृत के एडिशनल में नहीं होने के कारण संस्कृत पढऩे की इच्छा रखने वाले छात्रों को भी विवश होकर के संस्कृत को छोडऩा पड़ रहा है।
उसके सन्दर्भ में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम संयुक्त कलेक्टर, सीहोर,  श्रीआनन्द सिंह राजावत को ज्ञापन दिया गया कि संस्कृत भाषा प्राचीन और वैज्ञानिकी तो है ही साथ ही मानव मूल्यों को विकसित करने वाली भाषा भी है अत: अपराध मुक्त समाज का निर्माण करने के लिए संस्कृत भाषा के महत्व को समझते हुए उसे पुन: अनिवार्यता प्रदान करने की महती आवश्यकता है।
यह दायित्व प्रदेश सरकार के साथ साथ छात्र-छात्राओं के माता-पिता का भी है कि वे समाज में बढ़ती विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए अपने बच्चों को परिवार के अनुकूल संस्कारित करने के लिए संस्कृत अवश्य पढाएँ। यह चिन्तनीय है कि व्यावसायिक शिक्षा के भाषाओं के विकल्प में जोडऩे से अब शिक्षकों में भी  शनै: शनै: वैमनस्य बढऩे की समस्या दृष्टिगोचर होने लगी है। वही जिला शिक्षा अधिकारी सीहोर श्री संजय सिंह तोमर को भी ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने वालों में अशोक वर्मा, राकेश सिंह ठाकुर, संजय सक्सेना, सुरेंद्र यादव, नरेश मेवाडा, लखन महेश्वरी , धर्मेन्द्र शर्मा, जितेन्द्र शर्मा, विष्णु प्रसाद परमार, गेंद राज विश्वकर्मा, बद्री प्रसाद वर्मा, चंद्र प्रकाश वर्मा आशीष शर्मा ,जगदीश प्रसाद वर्मा ,आत्माराम बामनिया गोपाल कृष्ण  त्यागी ,अनिल गंगवार, गौशाली राठौर , नीतू राठोर , मोना पंवार , घनश्याम कुशवाहा ,सचिन शर्मा ,आनंद चंदेल ,राजेंद्र परमार , चंद्रशेखर वर्मा ,नवीन शर्मा ,भगवान परमार संतोष शर्मा ,कमल वर्मा, आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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