कार्यवाही नही होने पर सेवादल कांग्रेस के अध्यक्ष नरेन्द्र खंगराले के नेतृत्व में दिया जायेगा धरना
सीहोर। शासकीय पट्टे की भूमि व 100 वर्षों से अधिक चले आ रहे कब्जे की भूमि पर चार साल से ग्राम देवली पहुंचे उदय सिंह सेंदव महाराज व पूर्व शिक्षक कमल सिंह सेंधौ द्वारा पटवारी व तहसीलदार से सांठ-गांठ कर अनुसूचित जाति जनजाति आदिवासी कोरखु व जांगड़ा समाज के निजी पट्टे व 100 वर्षों से अधिक से चली आ रही कब्जे की भूमि पर कब्जा कर कई आदिवासियों के टपरे जला दिये गये हैं तथा वर्षों पुराने शासकीय आम रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। इस प्रकार आष्टा क्षेत्र के ग्रामों में कानून नाम मात्र का रह गया है। थाना आष्टा में शिकायत करने पर भी महाराज के प्रभाव को देखते हुए उनकी रिपोर्ट नही लिखी जाती है। पीडि़त दलित आदिवासी पुररूष व महिलाओं ने दलित चिंतक सेवादल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र खंगराले जाटव के नेतृत्व में अपनी पीड़ा से जिले के कलेक्टर के.बालागुरु के प्रतिनिधि डिप्टी कलेक्टर नितिन टाले व जिले के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर उदय सिंह सेंधौ महाराज व पूर्व शिक्षक कमल सिंह सेंधौ के अत्याचारों से मुक्त कराने हेतु ज्ञापन सौंपा गया है। श्री खंगराले ने जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि आष्टा तहसील के पुलिस, एसडीएम व तहसीलदार की मिलीभगत से दलित आदिवासियों पर प्रभावशाली गैर आदिवासी दबंगों के अत्याचार बड़ते जा रहे हैं। यदि शीघ्र ही कलेक्टर व एसपी ने इस ओर ध्यान नही दिया तो शीघ्र ही तहसील कार्यालय आष्टा के समक्ष दलित आदिवासी भूखहड़ताल प्रारंभ करने के लिये मजबूर होगें। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से नरेन्द्र खंगराले, दीपक सोनकर, जगदीश, देवलाल, श्रीराम, जीवन सिंह, दलीप सिंह, देवकरण, कैलाश, तकेसिंह, सतीश, दशरथ, छोटेलाल, मायाराम, भगवतसिंह, कुमेरसिंह, चिंता बाई, रामकँु वर बाई, रेवा बाई, सुनिता बाई, गणेशी बाई, अनसुईया बाई, ज्योति कर्मा, प्रीति कर्मा समस्त जाति कोरकु आदिवासी व जांगड़ा समाज के महिला-पुरुष उपस्थित थे।








