बदलते मौसम में मलेरिया का बढ़ रहा खतरा

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कूलर के भरे हुए पानी में पनपता है लार्वा, बढ़ रही मच्छरों की तादात

नर्मदापुरम। मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्री मानसूनी बारिश के बाद जगह जगह बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा घरों में भी कूलर चल रहे हैं। जिनमें मच्छरों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिससे मलेरिया सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियां बढ़ने की संभावना बढ़ रही है। मानसूनी बारिश से पूर्व भी कभी हल्की बारिश हो रही थी। इससे भी मच्छरों की तादात बढ़ चुकी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ एके श्रीवास्तव का कहना है कि बारिश के बाद जो उमस भरा मौसम रहता है उसमें मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में सावधान रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इन दिनों बिना मच्छरदानी के नहीं सोना चाहिए। यह मलेरिया माह है। शासन के द्वारा जिले के मलेरिया संभावित क्षेत्रों में मच्छरदानी वितरण के लिए आई हैं जिसे लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। मलेरिया विभाग में मलेरिया के जानकार सुंदर नारायण शर्मा ने बताया कि इस समय अधिकांश लोगों के घरों में कूलर चल रहे हैें। जिनमें पानी भरा रहता है। कूलर के लिए जहां पर पानी भरा रहता है वहां पर नियमित साफ सफाई नहीं की जाती है तो मच्छर के लार्वा पनपने की संभावना बढ़ जाती है। उनमें निश्चित तौर पर मच्छर बड़ ही जाते हैं। पिछले सालों में हमने अनेक स्थानों पर सर्वे किया था अनेक घरोंं के कूलर में लार्वा मिला था। अब फिर वही हालत है। इसलिए कूलर के पानी की नियमित सफाई की जाए। घर में शाम के समय नीम की पत्ती का धुंआ किया जाए। बुखार आने पर मलेरिया की जांच अवश्य कराई जाना चाहिए। जिससे समय रहते मलेरिया के बढ़ने के आसार कम हो जाते हैं।

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