कई श्रमिकों नहीं मालुम मजदूर दिवस कब और क्यों मनाया जाता है

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::::आज है मजदूर दिवस:::::

रश्मि गौड़

नर्मदापुरम। दिन भर पूरी मेहनत के साथ मजदूरी करने वाले कई श्रमिकों को नहीं मालुम कि मजदूर दिवस कब और क्यों मनाया जाता है। मजदूरों के लिए शासन द्वारा चल रही योजनाओं से भी कई सीधे साधे भोले भाले मजदूर अंजान रहते हैं। उनका कहना है कि कोई हमें योजनाओं के संबंध में बताता ही नहीं है। हमारे लिए कौन सी योजनाएं चल रही हैं यह हमें नहीं पता है। हमें तो सिर्फ इतना पता है कि सुबह से शाम तक मजदूरी करना हैं तब पैसा मिलता है। तभी हमारे घर का चूल्हा जलना है।

श्रम विभाग बना रहता है लापरवाह

खासकर के श्रम विभाग लापरवाह बना रहता है। मजदूरों के लिए क्या योजनाएं हैं उसकी जानकारी मजदूरों को दी जाना चाहिए। लेकिन खानापूर्ति स्तर की जाती है। मजदूरों के लिए आज भी प्रशासन और अन्य संगठन खूब बाते करेंगे लेकिन हकीकत यह है कि मजदूरों के लिए चल रहेी योजनाएं आज भी कागजों तक ही सीमित है।

अधिकारों की जानकारी से बंचित रहते हैं मजदूर

मजदूर दिवस पर कुछ मजदूरों से बात की तो सभी का जवाब यही था. न तो उन्हें योजनाओं की जानकारी है न ही किसी ने आज तक उन्हें बताया है। वर्षों से काम कर रहे मजदूर अपने ही अधिकारों से वंचित हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी इसको लेकर गंभीर नहीं है। कागजों में योजनाए चल रही हैं और हकीकत में मजदूरों की हालत खस्ताहाल है।

जिले में करते हैं 5 लाख लोग मजदूरी

15 लाख की आबादी वाले इस जिले में लगभग 5 से 6 लाख मजदूर है। मजदूर पंजीयन में जिले के लाखो मजदूरों ने पंजीयन करवाया है। श्रम विभाग ने असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के पंजीयन किए हैं जिसमें करीब 50 हजार से ज्यादा श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से कई ने पंजीयन कराने के बाद आज तक किसी भी योजना का लाभ नहीं लिया। अधिकांश पंजीकृत मजदूरों को विवाह, बीमा, दुर्घटना, चिकित्सा, मत्यु होने पर अंत्येष्टि, बच्चों के लिए शिक्षा छात्रवृत्ति और महिला के प्रसव के दौरान सहायता की सुविधा के बारे में जानकारी ही नहीं रहने से लाभ से बंचित रह जाते है। श्रम विभाग मजदूरों को ये सुविधाएं देने में कागजों पर आंकड़ों का गणित चलाता रहता है। फंड के रोने के चक्कर में मजदूरों के लिए कार्यक्रम भी नहीं होते हैं।

स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक की सुविधा

कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्तीर्ण श्रमिकों के बच्चों को 50 हजार तक सहायता राशि दी जाती है। इसके साथ ही मेडिकल, डेंटल, फिजियोथैरेपी, इंजीनियरिंग सहित अन्य कोर्स करने के लिए उन्हें अनुदान के रूप में राशि देने की भी योजना है। उन्हें कोचिंग संस्थान में प्रवेश पर रुपए देने का प्रावधान है। दुर्घटना सहायता और बीमा योजना के तहत स्वास्थ्य संबंधी योजनाएं भी मजदूरों के लिए चल रही हैं लेकिन अधिकांश मजदूरों को योजनाओं की जानकारी ही नहीं रहती है। बार बार शिविर लगाकर जानकारी देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है।

ये हैं प्रमुख योजनाएं

तीन वर्ष के बाद पंजीकृत मजदूरों को औजार खरीदने के लिए 15 हजार तक अनुदान दिया जाता है।

किसी भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयन होने पर मजदूर के परिवार को तीस हजार तक की सहायता राशि दी जाती है।

तीन वर्ष से पंजीकृत मजदूर को 2500 रुपए तक अनुदान देने की योजना है।

कार्य के दौरान मृत्यु पर मजदूर के उत्तराधिकारी को 30 हजार रुपए अंत्येष्टि के रूप में और मृत्यु सहायता के रूप में एक लाख रुपए दिए जाते हैं।

ई-श्रम कार्ड के जरिए अनेक योजनाओं का लाभ मिलता है। लेकिन कई मजदूरों के पास ई-श्रम कार्ड तक नहीं रहता है।

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