बैशाख-ज्येष्ठ में लगता है भंडारे का मेला, ग्रामीण अंचल से आते हैं हजारों लोग

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– क्षेत्र के किसान नई उपज के उपलक्ष्य में करते हैं भंडारे के आयोजन

-सैंकडों लोगों का चलता है रोजगार, 60 दिनों तक लगी रहती है भीड़

नर्मदापुरम। नर्मदा तट के सर्किट हाउस घाट पर बैशाख और ज्येष्ठ माह में पूरे 60 दिनों तक लगातार इतने अधिक भंडारे के आयोजन होते हैं कि यहां पर मेला जैसा माहौल हो जाता है। क्षेत्र के किसान अपनी नई उपज के उपलक्ष्य में भंडारे के आयोजन करते हैं। सर्किट हाउस घाट के आसपास सैंकड़ों की संख्या में ट्रालियां आैर हजारों की संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। यहां तक कि सुबह से ही लोग यहां आ जाते है। जगह जगह भट्टी लगाई जाती थी। पेड़ों की संख्या काफी संख्या में होने के कारण यहां पर पर्याप्त छाया रहने और इसके बाद भी दर्जनों टेंट लगाकर लोग भंडारे देते हैं। लोक निर्माण कार्यालय परिसर तक भंडारे करने वाले पहुंच जाते है।

सैंकडों लोगों का चलता है रोजगार

दो महिने की अवधि में इस स्थान पर सैंकडों की संख्या में भोजन बनाने वाले, पूजन सामग्री, मनिहारी की सामग्री, बच्चों के खिलोने वाले, आइसक्रीम वाले, टेंट वाले सहित दोने पत्तल और अन्य सामग्री वाले, कथा करने वाले पंडितों सहित करीब तीन चार सौ लोगों का इतना रोजगार चल जाता है कि दो माह में ही उनके छै माह का घर का खर्च निकल आता है। उनका एक ही स्थान पर पक्का रोजगार चलता है।

इस बार देर से हुई कटाई

इस बार देर से कटाई होने का कारण बोनी में भी बिलंब हुआ था। इस कारण भी चैत्र माह में भंडारे के आयोजन शुरू नहीं हो सके। नहीं तो कुछ लोग तो चैत्र के महिनें ही उपज निकाल कर भंडारे के आयोजन करते थे। अब वैशाख से यह आयोजन शुरू हुए तो ज्येष्ठ माह तक जारी रहेंगे।

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