राहत संबंधी मामलों में प्रभावितों को शीघ्र लाभ उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करें संबंधित अधिकारी
राजस्व मामलों को आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरते राजस्व अधिकारी
समय सीमा की बैठक संपन्न
नर्मदापुरम/सोमवार को कलेक्टर सोनिया मीना ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक के दौरान समस्त विभागों के तहत संचालित योजनाएं, अभियानों सहित सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई, समय सीमा प्रकरण तथा अन्य विभागों कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर सोनिया मीना ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे सीपीग्राम (CPGRAMS) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निराकृत करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि वर्तमान में दर्ज शिकायतों की संख्या की तुलना में निराकृत शिकायतों की संख्या कम पाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग प्रमुख अपने विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों का शीघ्रता से परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण शासन की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को नियमित रूप से सीपीग्राम पोर्टल की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा इसकी अद्यतन स्थिति से जिला कार्यालय को अवगत कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री मीना ने जिला अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन और समाधान ऑनलाइन पोर्टल के तहत लंबित शिकायतों के शीघ्र एवं प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम सिवनी मालवा, पिपरिया एवं सोहागपुर को विशेष रूप से 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर फोकस करने के लिए कहा। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), नर्मदापुरम को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ऊर्जा विभाग, राजस्व विभाग, जिला आपूर्ति अधिकारी तथा सामाजिक न्याय विभाग को भी निर्देशित किया कि वे सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपनी रैंकिंग में सुधार लाने के लिए प्रभावी प्रयास करें। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी संबंधित विभागों को अधिक सतर्कता और योजना बद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक की प्रगति संतोषजनक नहीं है और अभियान के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु समर्पित प्रयासों की आवश्यकता है। जनपद पंचायतवार अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद पंचायत (सीईओ) को निर्देशित किया कि अमृत सरोवर एवं खेत तालाब के प्रकरणों में प्रगति लाते हुए अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने पीओ डूडा को निर्देश दिए कि अभियान से संबंधित अद्यतन जानकारी निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करें। साथ ही, समस्त नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को निर्देशित किया कि नगरीय निकायों में रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएं। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए कि वे तालाबों और अन्य जल संरचनाओं को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराए जाने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें। इसी के तहत, उन्होंने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों (ईई) को निर्देश दिए कि नहरों के नक्शे खसरों में अंकित करवा कर उसका प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग परिणामोन्मुखी कार्य करें ताकि अभियान की प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई दे। साथ ही, उन्होंने निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य जनसमूहों एवं संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाए। सभी सीईओ, सीएमओ तथा एसडीएम को जल गंगा संवर्धन अभियान को जन अभियान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि भू अर्जन से संबंधित समस्त प्रकरणों को आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा वन व्यवस्थापन सहित अन्य भू-अर्जन मामलों को समय-सीमा का पालन करते हुए पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आरसीएमएस पोर्टल पर न्यायालयीन प्रकरणों के डिस्पोजल प्रतिशत में भी बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा का सख्ती से पालन किया जाए और कोई भी प्रकरण समय सीमा से बाहर न हो। कोई भी प्रकरण समय सीमा बाह्य होने पर संबंधित अधिकारी पर नियमानुसार पेनल्टी अधिरोपित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों को राजस्व संग्रहण के लिए लक्ष्य निर्धारण करने तथा एक विस्तृत एवं व्यापक कार्ययोजना तैयार कर तत्काल प्रभाव से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ईई पीएचई को निर्देश दिए की आगामी 31 जुलाई तक सभी नल जल योजना के तहत शेष रह गए कार्यों को शीघ्र ही पूरा किया जाए तथा योजनाओं को चालू करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए की जिले में किसी भी स्थान पर पेयजल से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित रूप से समस्या का समाधान किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। समय सीमा की बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड पोर्टल का संचालन कर जिले की रैंकिंग तथा अन्य घटकों से समस्त अधिकारियों को अवगत कराया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए की सभी विभाग प्रमुख अपने विभाग से संबंधित पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट करते रहे। उन्होंने जिले में चल रहे समग्र ई केवाईसी की समीक्षा करते हुए समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि ग्रामीण स्तर पर संयुक्त दलों का गठन किया जाए तथा एकीकृत शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री, समग्र ई केवाईसी, पीडीएस ई केवाईसी किए जाने के लिए आम जन मानस को शिविरो तक मोबीलाइज किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम राहत मामलों में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी ना रखें तथा प्राथमिकता के साथ प्रभावितों को आरबीसी, सीएम स्वेच्छा अनुदान, कृषक कल्याण योजना, सड़क सुरक्षा जेसी अन्य योजना के तहत लाभ उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 30% महिलाओं की आरक्षित सीटों पर उनके एडमिशन करवाए जाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग से भी पर्याप्त समन्वय स्थापित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्रमुख विभागीय बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करें। कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक के दौरान निर्देश दिए की कोई भी अधिकारी आकस्मिक तथा उपयुक्त कारणों को छोड़कर जनसुनवाई एवं समय सीमा की बैठक के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। समय सीमा की बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत, अपर कलेक्टर श्री डीके सिंह, संयुक्त कलेक्टर संपदा सराफ सहित अन्य जिला अधिकारीगण उपस्थित रहे।






