कलेक्टर ने उपार्जन, कृषि विभाग से संबंधित योजनाओ के साथ अन्य विभागीय नवाचारों की समीक्षा की
नर्मदापुरम/ कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गेहूं उपार्जन प्रक्रिया, कृषि योजनाएं, मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक कृषि नवाचारों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने बैठक के दौरान जिले में चल रही उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा की। जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अब तक लगभग 263000 एमटी गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है जिसके से लगभग 246000 एमटी माल का सफल परिवहन किया जा चुका है जिसके विरुद्ध अनुमानित 535 करोड रुपए के भुगतान के लिए ईपीओ तैयार किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देशित किया कि परिवहन की गति बनाए रखी जाए साथ ही उन्होंने उपायुक्त सहकारिता को भी निर्देश दिए की आवश्यकता पड़ने पर हम्मालों की संख्या बढ़ाई जाए तथा भुगतान के लिए शेष किसानों को भी शीघ्र भुगतान करवाया जाए। उन्होंने जिला उपार्जन समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए की उपार्जन केंद्रों पर हो रही गेहूं खरीदी के साथ उपखंड स्तरीय समिति की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने जिले में कृषि क्षेत्र को सशक्त और उन्नत बनाने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों को किसानों के लिए फसल विविधीकरण, उन्नत तकनीक से निर्मित कृषि यंत्रों का उपयोग, तथा उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के विषय में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को नवीन कृषि पद्धतियों से अवगत कराने के लिए किसान खेत पाठशाला का आयोजन व्यापक स्तर पर किया जाए, ताकि वे आधुनिक खेती की ओर अग्रसर हो सकें।
खेत पाठशालाओं के माध्यम से किसानों को नरवाई न जलाने और हानिकारक कीटनाशकों के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की संपूर्ण जानकारी दी जाए। साथ ही, पर्यावरण और मिट्टी की सेहत को सुरक्षित रखने के उपाय भी बताएं जाएं।
उन्होंने कहा की आत्मा योजना अंतर्गत किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं का भी व्यापक प्रचार प्रसार करवाया जाए। जिससे अधिक से अधिक किसान योजनाओं के लाभ से लाभान्वित हो सके।
कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि श्री जे आर हेडाऊ को निर्देशित किया कि प्रमुख फैसले जिनमे धान मक्का सोयाबीन गेहूं आदि की पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों की जानकारी प्रस्तुत करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने समितियां द्वारा विभाग द्वारा योजनाओं के माध्यम से कृषकों को उपलब्ध करवाए जाने वाले बीज की जानकारी भी ली। उन्होंने जिले में पिछले वर्ष उपयोग किए गए उर्वरक के आंकड़ों की समीक्षा की।
इसी के साथ कलेक्टर ने मृदा परीक्षण केन्द्र द्वारा की जा रही गतिविधियों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में समस्त प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय रूप से संचालित किए जाएं। इस दौरान उन्होंने जिले की मृदा में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने फसल प्रदर्शन, कृषि विज्ञान केंद्र तथा एग्रीकल्चर कॉलेज द्वारा संपादित की जा रही गतिविधियों एवं नवाचारों की विस्तार से समीक्षा कर सफल कृषि के लिए किया जा रहे वैज्ञानिक अनुसंधानों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उपयंत्री कृषि अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि हैप्पी सीडर एवं सुपरसीडर के प्रति कृषकों को जागरूक किया जाए। कृषकों के बीच पहुंचकर हैप्पी सीडर की समस्त जानकारी के संबंध में लाइव डेमो दिया जाए। कलेक्टर ने एमपी एग्रो द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि बायोगैस प्लांट के लिए कृषकों से व्यापक समन्वय स्थापित कर उन्हें इसके प्रमुख फायदो के बारे में समझाएं तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करें।
बैठक के दौरान उपसंचालक कृषि श्री जे आर हेडाऊ, जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू, जिला विपणन अधिकारी श्री देवेंद्र यादव सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







