-तीसरी फसल के लिए तवा से सिंचाई के लिए मिलेगा पानी, मूंग की बोवनी होेने लगी शुरू
-प्रदेश में सबसे ज्यादा मूंग के उत्पादन का रिकार्ड बना चुका है नर्मदापुरम जिला
बलराम शर्मा
नर्मदापुरम। संभाग के तीनों जिले नर्मदापुरम,हरदा और बैतूल में इस बार 4 लाख 60 हजार 650 हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन फसलों की बोवनी का कार्य शुरू हो गया है। जिसमें मुख्य रूप से मूंग, उड़द, मुंगफली, धान, मक्का, चरी, तिल, सूरजमुखी की बोनी की जा रही है। यह लक्ष्य संयुक्त संचालक कृषि के द्वारा हाल ही में तय किया गया। जिसमें सबसे ज्यादा नर्मदापुरम जिले में बोनी होगी। संयुक्त संचालक कृषि कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नर्मदापुरम में गेहूं और चने की कटाई के बाद मूंग और अन्य तीसरी फसल की बोवनी शुरू हो गई है। वहीं हरदा जिले में गेहूं और चना की कटाई के बाद 97 हजार हेक्टेयर में मूंग की बोनी हो चुकी है। बैतूल में 4 हजार हेक्टेयर में बोनी हो चुकी है। नर्मदापुरम जिले में 3 हजार 600 हेक्टेयर में बोवनी हो चुकी है।
बन चुका है प्रदेश में रिकार्ड
वर्ष 2017 में सिंचाई विभाग के द्वारा नहरों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया था। जिससे पूर्व का होशंगाबाद व वर्तमान नर्मदापुरम जिले ने प्रदेश में तीसरी फसल मूंग के उत्पादपन में रिकार्ड बनाया था। उस वर्ष जिले में 1 लाख 21 हजार मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ था। वह उस समय तक प्रदेश व देश में सबसे अधिक था।
-नर्मदापुरम संभाग के जिलों का लक्ष्य और पूर्ति
नर्मदापुरम जिले का लक्ष्य
इस वर्ष जिले का लख्य 2 लाख 94 हजार हेक्टेयर में ग्रीष्म कालीन फसलें लगाने का लक्ष्य बनाया गया है। अभी तक 3 हजार 632 हेक्टयर में बोवनी हो चुकी है। धान भी लगाई गई। वहीं मक्का आैर चरी लगाने का कार्य जारी है। इसके अलावा अन्य फसलों में तरबूज की पैदावार भी तीसरी फसल के रूप में खूब ली जाती है। जोकि उद्यानिकी फसलों में आतकी है।
हरदा जिले का लक्ष्य
रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं और चना की उपज निकालने के बाद हरदा जिले में तीसरी फसल की बोनी तेजी से जारी है। यहां का लक्ष्य 1 लाख 46 हजार हेक्टयर तय किया गया है। जिसमें से अभी तक हरदा जिले में 97 हजार 349 हेक्टेयर में बाेनी हो चुकी है।
बैतूल जिले का लक्ष्य
बैतूल जिले में सिंचाई की सुविधा कम होने वहां का लक्ष्य भी कम ही रहता है। इस वर्ष का लक्ष्य 20 हजार 150 हेक्टेयर का है। जिसमें से अभी तक 4 हजार 85 हेक्टेयर में बोवनी हो सकी है। यहां पर गेहूं की कटाई जारी है। उसके तुरंत बाद जिनके पास सिंचाई सुविधा है वह मूंग लगाएंगें।
इनका कहना है-
‘‘नर्मदापुरम जिले में रबी की फसलों की कटाई के साथ ही ग्रीष्म कालीन फसलों के लिए बोवनी का कार्य शुरू हो चुका है। पूर्व वर्षों की तरह किसानों का रूझान अच्छा है। मूंग की बोवनी ही जिले में सबसे अधिक होती है। ’’
जेआर हेड़ाउ, उप संचालक कृषि
–
‘‘ संभाग में पूर्व वर्षों की तरह ग्रीष्मकालीन फसलों का लक्ष्य तय हो गया है। कटाई होने के साथ बोवनी भी शुरू हो चुकी है। संभाग में इस बार 4 लाख 60 हजार हेक्टेयर में बोनी की जाएगी। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधाएं हेैं वे तीसरी फसल के रूप में मूंग उड़द और मक्का आदि लगा रहे हेै। ’’
बीएल बिलैया, संयुक्त संचालक कृषि







