डोलरिया। डोलरिया के वार्ड नंबर 11 बड़कुर मोहल्ला में हर वर्ष नवरात्र महोत्सव भक्तिभाव व धूमधाम से मनाया जाता है। शारदीय नवरात्र में भी देवी प्रतिमा वर्षों से रखी जा रही है। वहीं विगत 3 वर्षों से चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मां भगवती दुर्गा जी एवं भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। चैत्र नवरात्र पर पहले दिन से ही मां दुर्गा और भगवान भोलेनाथ की पूजा पाठ और कन्या भोजन 9 दिन किये जाते हैं। नवरात्रि के पहले दिन एक आरती के साथ एक कन्या को भोजन कराया जाता है दूसरे दिन दो कन्या तीसरे दिन तीन कन्या चौथे दिन चार कन्या पांचवें दिन पांच कन्या छठे दिन चैतन्य सातवें दिन साथ कन्या आठवें दिन आठ कन्या और नौवे दिन नौ कन्याओं को प्रतिदिन कन्या भोजन कराया जाता है। इसके अलावा कन्या जो भी आ जाती है उनको भी कन्या भोज कराया जाता है पंचमी को मां दुर्गा देवी को बीड़ा चढ़ाया जाता है जिसमें सभी देवी देवता भी शामिल होते हैं। पंचमी के दिन ही जस मंडली भी अपनी.अपनी प्रस्तुति देती है वही अष्टमी के दिन मां दुर्गा की महा आरती की जाती है नवमी को हवन किया जाएगा और दशमी के दिन विशाल भंडारा भी किया जाएगा पत्रकार गजेंद्र राजपूत में बताया कि विगत 42 वर्षों से वार्ड नंबर 11 बड़कुर मोहल्ला डोलरिया में श्री राम कीर्तन मंडल दुर्गा उत्सव समिति स्थल पर चैत्र नवरात्रि पर भी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है मां भगवती की का यह चैत्र नवरात्रि का तीसरा साल है चैत्र नवरात्र पर गजेन्द्र राजपूत द्वारा पिछले तीन वर्षों से मां दुर्गाजी की प्रतिमा की स्थापना की जाती है। पूरा बड़कुर परिवार चैत्र नवरात्रि पर 9 दिन श्रद्धा भाव से माता रानी की पूजन अर्चना कर आराधना करते हैं प्रतिदिन भजन संध्या गरबा का आयोजन होता है। बड़कुर मोहल्ला डोलरिया में चैत्र नवरात्रि पर यह माता रानी का पंडाल माता रानी की स्थापना गजेन्द्र सिंह राजपूत द्वारा कराई गई हैं। भवानी सिंह और सहदेव सिंह ने बताया 3 वर्ष से गजेंद्र सिंह राजपूत नवरात्रि के पवन पर्व पर अपनी श्रद्धा अनुसार माता रानी की स्थापना करते आ रहे है। ओमप्रकाश जैवार मोनू जैवार विशेष योगदान रहता हैं। बड़कुर परिवार में गोपाल सिंह, बहादुर सिंह पटवारी, मोहन सिंह गजेन्द्र सिंह राजपूत, राकेश सिंह भवानी सिंह राजपूत, दुर्गेश सिंह राजपूत, सहदेव सिंह राजपूत, योगेंद्र सिंह राजपूत, अनीस राजपूत, इंकानत परिवार का पूरा परिवार के सदस्य 9 -10 दिन भक्ति में तल्लीन रहते हैं।







