प्रति एकड़ 18 से 20 क्विंटल उत्पादित हो रहा गेहूं, फिर प्रदेश में जिला रहेगा अव्वल
नर्मदापुरम। अप्रैल माह की शुरूआत होते ही क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई तेजी से शुरू हो गई है। जिसके चलते अब गेहूं निकलना शुरू हेा गया है। लेकिन अभी गेहूं को साफ करने के साथ ही सुखाया जाना है। उसके बाद ही खरीदी केंद्र पर लाया जा सकेगा। इस कारण गेहूं खरीदी का कार्य अगले सप्ताह से ही तेजी से शुरू हो सकेगा। इस बार प्रशासन जिले में 139 खरीदी केंद्र बनाए हैं। जिनमें से अभी मात्र 10 प्रतिशत केद्रों पर ही गेहूं की खरीदी शुरू हो सकी है। वहां भी कम मात्रा में गेहूं आ रहा है। अगले सप्ताह से जरूर मंडी सहित अन्य सभी खरीदी केंद्रों पर ट्रालियों का अंबार लगना शुरू हो जाएगा। मौसम ठीक रहने से गेहूं की पैदावार ठीक हो रही है।
बीते वर्ष से ज्यादा हो रही पैदावार
इस वर्ष बीते वर्ष से गेहूं की पैदावार ज्यादा हो रही है। किसानों ने चर्चा के दौरान बताया कि इस वर्ष प्रति एकड़ 18 से20 क्विंटल गेहूं हो रहा है। रायपुर के ईश्वरी कुमार ने बताया कि बीते वर्ष एक एकड़ में 16 से 18 क्विंटल के मान से गेहूं का उत्पादन हुआ था। लेकिन इस बार मौसम ठीक रहा। सिंचाई सुविधा भी ठीक रही इसी के साथ ही गेहूं की फसल भी ठीक आई है। इससे उत्पादन बढ़ा है। किसानों का अनुभव भी काम आ रहा है। किसानों के द्वारा जो नई नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। नई बेरायटी की फसल लगाई जा रही है। सिंचाई के साधन बढ़ते जा रहे हेैं। इसी कारण गेहूं के उत्पादन में वृद्धि हो रही है।
लक्ष्य से अधिक होगी खरीदी
खरीदी कार्य में लगे हुए अधिकारियों का कहना है कि किसानों से जो फीडबैक मिल रहा है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार समर्थन मूल्य पर जो गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। उससे कहीं अधिक खरीदी होगी। खरीदी के साथ ही इस बार परिवहन और भंडारण की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है जिससे कि पहले की तरह बारिश के कारण गेहूं का नुकसान नहीं हो सके।
ज्यादातर वेयर हाउस में ही हो रही खरीदी
इस बार ज्यादातर खरीदी वेयरहाउस में हो रही है जिससे परिवहन और भंडारण की समस्या नहीं आएगी। गेहूं भी पहले की तुलना में सुरक्षित रहेगा।






