सीहोर/शासन के निर्देशानुसार 21 मार्च को विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के रूप में मनाया गया। सीएमएचओ डॉ सुधीर डेहरिया ने बताया कि डाउन सिन्ड्रोम एक अनुवांशिक स्थिति हैं जो गुणसूत्र 21 की अतिरिक्त प्रति उपस्थिति के कारण होती हैं। इसमें शारीरिक विशेषताओं एवं स्वास्थ्य की स्थिति संज्ञानात्मक देरी अलग-अलग डिग्री में प्रकट होती हैं। उन्होने बताया की डाउन सिन्ड्रोम में विभिन्न लक्षण होते हैं जैसे मांस पेशियों के टोन में कमी, छोटी व चपटी नाक, छोटे हाथ पांव व छोटा कद, ऊपर की ओर झुकी हुई आंखें, छोटी गर्दन व छोटे कान, सामान्य से अलग लचीले जोड़, अंगूठे एवं उंगली की दूरी अधिक होना, मुंह से जीभ बाहर निकलना आदि शामिल हैं। सीएमएचओं ने आमजन से अपील की हैं कि इस प्रकार के व्यक्ति यदि उनके आसपास चिन्हांकित होते हैं तो उनकी आवश्यकता अनुसार सहायता करने का संकल्प लें, ताकि वह सशक्त बने।








