ये बजट जनविरोधी, दिशाहीन, आंकड़ों की जादूगरी और जनता के साथ छलावा

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इस बजट में किसी भी वर्ग के लिए कोई नया प्रावधान नहीं
लाड़ली बहना और भावांतर योजना के माध्यम से महिलाओं और किसानों को लाभ दिया जाना था
लाड़ली बहना योजना से लाखों नाम काटे गए और नए नाम भी नहीं जोड़े गए
सीहोर जिले के लिए बजट में कुछ नहीं केवल उज्जैन पर फोकस
ये केवल कर्ज लेकर घी पीकर ब्रांडिंग करने वाली सरकार – पंकज शर्मा
सीहोर । मप्र के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट विधानसभा में पेश कर दिया । इस बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज शर्मा ने इसे जनविरोधी, दिशाहीन, आंकड़ों की जादूगरी, जनता के साथ छलावा और प्रदेश पर कर्ज बढ़ाने वाला बजट बताया है । पंकज शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि वित्त मंत्री का बजट भाषण बहुत ही लंबा और उबाऊ था, इसमें प्रदेश के लिए दूरगामी सोच का अभाव था और इसमें ना कोई विजन था और ना ही मिशन । पंकज शर्मा ने आगे कहा कि इस बजट में सबको उम्मीद थी कि सरकार अपने चुनावी वादे के अनुसार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपए प्रतिमाह करेगी तथा किसानों का गेहूं भावांतर योजना के माध्यम से दो हजार सात सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से, धान तीन हजार एक सौ रुपए प्रति क्विंटल तथा सोयाबीन छह हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदने की घोषणा करेगी लेकिन ऐसा ना करके सरकार ने महिलाओं और किसानों के साथ विश्वासघात किया है क्योंकि इन्हीं चुनावी वादों के सहारे वोट पाकर भाजपा सत्ता में आई थी और अब इनके साथ इतना बड़ा धोखा करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, सबसे दुखद तथ्य ये है कि बीते महीनों में सुनियोजित तरीके से लाखों महिलाओं के नाम अपात्र बताकर लाड़ली बहना योजना से हटा दिए गए और नई पात्र महिलाओं के नाम भी इस योजना में नहीं जोड़े जा रहे हैं । पंकज शर्मा ने आगे कहा कि इसके अलावा आयुष्मान योजना में भी राज्य सरकार द्वारा अपने स्तर पर इलाज की सीमा 10 लाख तक बढ़ानी चाहिए थी जो नहीं बढ़ाई गई, इसके अलावा इस बजट में मेक इन एमपी के बारे में भी बात नहीं की गई जबकि पिछले दिनों इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के बारे में बड़ी-बड़ी बातें और दावे राज्य सरकार द्वारा किए गए थे, अब उनका क्या हुआ । छात्रों के लिए भी इस बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है जबकि इस बार सबको उम्मीद थी कि वित्त मंत्री हर जिले में शासकीय मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की घोषणा करेंगे ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए इधर-उधर ना भटकना पड़े लेकिन ऐसा ना करके लाखों छात्रों को निराश किया गया है । इस बजट में भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सौर ऊर्जा व इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी सरकार से बड़ी घोषणा की उम्मीद थी लेकिन इस बारे में भी वित्त मंत्री की ओर से कुछ नहीं कहा गया । पंकज शर्मा ने कहा कि इसके अलावा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ाने, लघु एवं कुटीर उद्योगों के बारे में भी सरकार ने इस बजट में कोई प्रावधान नहीं किया और अगर सीहोर जिले की बात करें तो कुछ सड़कों तथा नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना में थोड़ी सी राशि के अलावा सीहोर जिले को इस बजट में कुछ भी नहीं मिला और हमेशा की तरह ही सीहोर जिला फिर से इस बजट में दुर्भाग्यशाली साबित हुआ । पंकज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री उज्जैन से आगे सोच ही नहीं पा रहे हैं और पूरे मप्र के विकास का पैसा उज्जैन में जा रहा है और शेष प्रदेश विकास की रहा तक रहा है, उनको उज्जैन से आगे निकलकर पूरे प्रदेश को देखना चाहिए और एक व्यापक और बड़ी सोच के साथ काम करना चाहिए क्योंकि अब वो उज्जैन के नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के मुखिया हैं और अब उनको अपनी सोच भी उसी हिसाब से विकसित करनी चाहिए और पूरे प्रदेश में समान रूप से विकास कराने पर ध्यान देना चाहिए । पंकज शर्मा ने कहा कि इस बजट में विकास की कोई ठोस योजना नहीं है और ये बजट एक छलावे से ज्यादा कुछ नहीं है, यह बजट कमीशनखोरी को संस्थागत करने और भ्रष्टाचार को मजबूत करने के लिए बनाया गया है तथा ये भाजपा सरकार की असफलताओं और जनविरोधी नीतियों की पोल खोलता है । पंकज शर्मा ने आगे कहा कि सरकार ने जो बजट बढ़ाया है वो कर्ज लेकर बढ़ाया है और कर्ज के बजट से राज्य का विकास नहीं होता और कर्ज का ब्याज भी भरना होता है जिससे प्रदेश आत्मनिर्भर नहीं होगा बल्कि और गर्त में डूब जाएगा, अभी मप्र में प्रति व्यक्ति पचास हजार का कर्ज है जो इस बजट के बाद और बढ़ जाएगा, सरकार ने इस कर्ज को कम करके प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की कोई ठोस कार्ययोजना इस बजट में पेश नहीं की है, बिना इसके प्रदेश का विकास संभव नहीं है और प्रदेश विकसित राज्यों की श्रेणी में भी नहीं आ सकेगा । इसमें मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और समस्याओं से निपटने के बारे में भी कोई ठोस कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है और ना ही इस बारे में बजट में राशि का आवंटन किया गया है । पंकज शर्मा ने अंत में इस बजट को जनता के साथ छलावा और जनविरोधी बताते हुए इसे दस में से शून्य अंक वाला बजट बताया और इस सरकार को कर्ज लेकर घी पीकर ब्रांडिंग करने वाली सरकार बताते हुए इसे धरातल पर विकास कार्य कराने में अक्षम सरकार बताया ।

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