नर्मदा महापुराण में उमड़ा आस्था का सैलाब

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 प्रतिदिन पांच हजार से अधिक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण
 मनुष्य के शरीर में स्थित जीवात्मा के कल्याण का मार्ग गुरु से ही प्राप्त हो सकता-पंडित चेतन उपाध्याय
सीहोर। मनुष्य के शरीर में स्थित जीवात्मा के कल्याण का मार्ग गुरु से ही प्राप्त हो सकता है इसलिए हमें जीवन में संत महात्मा और गुरु का सानिध्य अवश्य प्राप्त करना चाहिए। उक्त विचार शहर के ब्रह्मपुरी कालोनी स्थित चमत्कालेश्वर महादेव मंदिर में समस्त महिला मंडल ब्रह्मपुरी कालोनी के तत्वाधान जारी संगीतमय सात दिवसीय नर्मदा पुराण के चौथे दिन कथा व्यास पंडित चेतन उपाध्याय ने कहे। इस मौके पर शनिवार को सुबह पांच हजार से अधिक पार्थिव शिव लिंगों का निर्माण किया गया, वहीं दोपहर में कथा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का सेवन किया। कथा के दौरान उन्होंने मां नर्मदा के विभिन्न घाटों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर ने हम पर दया और कृपा करके ये मानव शरीर दिया है जो कि परमात्मा की बड़ी कृपा है। हमें परमात्मा की भक्ति कर इस मानव शरीर और उसमें स्थित जीवात्मा का कल्याण करना है। क्योंकि ये मानव जीवन व मानव शरीर हमें बार-बार नहीं मिलने वाला।  संत मानव जीवन मिलने के बाद मनुष्य ना तो भक्ति करता है ना भजन करता तथा दुनिया रूपी पाप के पीछे भागता रहता है, जबकि उसे ये जानना आवश्यक है कि हम कौन है कहां से आए और जाना कहां है। मनुष्य का संत महात्मा और गुरु के बताए मार्ग पर चलकर अपनी जीवात्मा का कल्याण करना चाहिए। क्योंकि संत महात्मा ही जीवात्मा को ये समझाते है कि परमात्मा को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। जहां दुनिया का ज्ञान समाप्त होता है वहां से आध्यात्मवाद शुरू होता है। अध्यात्मवाद के बारे में जानने के लिए संत महात्मा व गुरु की खोज कर उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन का कल्याण करें। हर मनुष्य ऐसी छाव चाहता है जहां उसे ठंडक मिले और वो मार्ग संत महात्मा ही से ही मिल सकता है। समस्त महिला मंडल ब्रहपुरी कालोनी ने बताया कि कथा का विश्राम चार फरवरी को किया जाएगा। कथा दोपहर एक बजे से आरंभ होती है। वहीं शिव अर्चना सुबह की जाती है।

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