नर्मदापुरम। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध नपा मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया है कि अतीत में हिटलर का नाम वैसे ही बदनाम है क्योंकि आज के परिवेश में हिटलर कि मानसिकता रखने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की कमी नहीं है शासकीय अधिकारियों के अंदर हिटलर कि आत्मा का समागम हो गया है जिसका उदाहरण नगरपालिका में दिखाई देता है अपनी हिटलरसाही का उदाहरण तत्कालीन सीएमओ वर्ष 2015 से लेकर आजतक परिचय दे रहे हैं वर्तमान में पदस्थ नगरपालिका सीएमओ के द्वारा प्रताड़ना के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है जल प्रदाय विभाग राजस्व विभाग में साप्ताहिक अवकाशों के लाभ कर्मचारियों को नहीं दिये जा रहें हैं लेकिन मासिक वेतन पत्रकों पर साप्ताहिक अवकाश प्राथमिकता के साथ दर्ज किये जाते हैं इसके अलावा कर्मचारियों से छमता से अधिक कार्य लिया जा रहा है मुख्यमंत्री आन लाइन शिकायत के निराकरण में क्या बाधाएं आ रही हैं उसका निराकरण न करके कर्मचारियों के मासिक वेतन रोक दिये जाते है।
कर्मचारी बीमार हो जाए कहीं पारिवारिक उत्सव या स्कूल कालेज कि समस्या मौत हो जाये या अन्य कोई समस्या हो तो उनको साप्ताहिक सीएलए ईएल मेडिकल अवकाश लेने का अधिकार नहीं है सेवानिवृत्त होने के चार माह पूर्व पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक कर्मचारी के द्वारा मेडिकल अवकाश लिया गया था जिसका भुगतान सेवानिवृत्त होने के दो माह बाद भी स्थापना शाखा, लेखाशाखा के द्वारा नहीं किया गया है जब पता किया गया तो ज्ञात हुआ है कि नगरपालिका सीएमओ कि हठधर्मिता के कारण मेडिकल अवकाश का भुगतान रोका गया है हाईकोर्ट जबलपुर कि याचिका क्रमांक .डब्ल्यूपी 198,2024 में साप्ताहिक अवकाश का विषय भी रखा गया है जिसके अनुसार दिनांक 15-01-2015 से आजतक यानि प्रतिवर्ष 52 दिनों कि गणना के अनुसार पीड़ित कर्मचारी को नगरपालिका के द्वारा भुगतान किया जाएगा साप्ताहिक या अन्य अवकाशों के लाभ नगरपालिका सीएमओ के द्वारा नहीं दिये जाने से एस एसटी ओबीसी सामान्य सभी वर्गों के कर्मचारी इस हिटलरशाही से पीड़ित व दुखी हैं मजदूर संघ से इस विषय पर झूठे भ्रमित पत्राचार स्थापना शाखा के द्वारा किये जाते हैं जिनकी प्रमाणिकता नगरपालिका सीएमओ के द्वारा कि जाती है।
नगरपालिका सीएमओ की कार्यशैली से पार्षद, पत्रकार, आमजन कर्मचारी पीड़ित व परेशान हैं इसको लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक मंत्री से लेकर संतरी तक शिकायत पत्रों के माध्यम से मजदूर संघ के द्वारा अवगत कराया गया है कोई सुनने को तैयार नहीं है।
चपरासी से बना बाबू उसको लेखा शाखा का सर्वे सर्वा नगरपालिका सीएमओ के द्वारा बनाकर रखा गया है जिसके ऊपर 644 फाईलों के भुगतान की जांच किए गए भ्रष्टाचार को लेकर विचाराधीन इस बाबू को प्रशासनिक राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है जांच दबाने को लेकर संचनालय नगरीय प्रशासन के आयुक्त को आर्थिक रूप से सादा गया है ऐसी आम चर्चाएं व्याप्त है नगरपालिका सीएमओ को भी राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण अपनी ढपली अपना राग जैसे मुहावरे को सार्थक किया जा रहा है।






