राजधानी के अस्पतालां में दो-दो दिन तक नहीं बदली जातीं बेड की चादरें

Join Us

भोपाल,(आरएनएस)। केरल में सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए वार्डों में हर दिन अलग-अलग रंग की चादरों के इस्तेमाल का नियम लागू किया गया है। वहां के स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि रंग तय होने से एक चादर का दूसरी बार उपयोग सात दिन बाद ही होगा। इधर, राजधानी के अस्पतालों में करीब आठ साल पहले यह नियम लागू किया गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से हर दिन अलग-अलग रंग की दूर, वार्डों में दो-दो दिन तक बेडशीट ही नहीं बदली जाती है। मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए बीते आठ साल में तीन बार नियमों में बदलाव भी किया जा चुका है, बावजूद स्थिति नहीं सुधरी।
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अविनाश वर्मा के मुताबिक, गंदी चादरों में बैक्टीरिया होने की आशंका रहती है, जो सर्जरी के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकता है। वहीं सांस के मरीजों को भी गंदे चादरों की वजह से दिक्कत हो सकती है। उनके अनुसार, इससे सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होता है।

Previous articleसौरभ शर्मा मामले में छह गांवों का रिकॉर्ड तलब करेगी ईडी
Next articleसुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अमेरिका को चुनौती, हमें कमजोर ना समझें हमारे दुश्मन