तेहरान (ए)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अपने समर्थकों के सामने आए हैं। नए अमेरिकी प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह ईरान पर सख्त प्रतिबंध लागू कर सकती है। ईरानी सुप्रीम लीडर ने दिखाने की कोशिश की है कि बीते साल इजरायल के साथ हुए तनाव और युद्ध के बाद भी ईरान कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर उनके दुश्मन ऐसा सोच रहे हैं, ये उनकी बड़ी भूल हैं। सुप्रीम लीडर ने कहा, इजरायल के साथ मध्य पूर्व में एक साल से ज्यादा चली लड़ाई के बाद भी ईरान कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने अपने तथाकथित दुश्मनों को तेहरान की ताकत परखने की चुनौती भी दी है। उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह इजरायल के साथ-साथ ट्रंप से लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन तक ने ईरान को कमजोर बताया था। इन सभी नेताओं ने बयान के पीछे सीरिया में ईरान सहयोगी बशर अल-असद की सरकार के पतन, वायु रक्षा क्षमताओं पर इजरायल के हमलों और एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस के नेताओं की हत्या का हवाला दिया था।








